महराजगंज। चंदापुर थाना क्षेत्र के ज्वाला का पुरवा मजरे जनई गांव में बुधवार को करंट लगने से किसान की मौत के मामले में लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि पावर कॉर्पोरेशन के अभियंता पहले चेत जाते, तो किसान की जान बच जाती। खंभा टूटने से छह माह से तार ढीले थे। न तो खंभा लगवाया गया, न ही तार कसवाए गए।
ज्वाला का पुरवा मजरे जनई गांव निवासी राजाराम यादव (55) बुधवार की दोपहर दो बजे मवेशी चराने गए थे। देर शाम तक घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने खोजबीन की। रात करीब आठ बजे गांव से 200 मीटर दूर हाईटेंशन बिजली की लाइन के नीचे राजाराम का शव झुलसा पाया गया। राजाराम अविवाहित थे। छोटे भाई के साथ रहते थे।
मृतक के भतीजे रोहित यादव और गांव के विजय यादव, अखिलेश, शत्रोहन, राजकुमार ने बताया कि तार इतने ढीले हैं कि उनके नीचे से निकलने में डर लगता है। छह महीने पहले एक बिजली का खंभा टूट गया था। इससे तार काफी नीचे हो गए हैं। कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। एक सप्ताह पहले इसी जगह पर वनरोज की करंट लगने से मौत हो गई थी।
थानाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। विद्युत वितरण खंड महराजगंज के एक्सईएन संदीप सिंह ने बताया कि हाल ही में तैनाती हुई है। तारों को कसवाने के साथ परिवारीजनाें को सरकारी मदद दिलाई जाएगी।