रायबरेली। कोरोना के खतरे और प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए इस बार दिवाली पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी के संबंध में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बुधवार को गाइडलाइन जारी कर दी है। जिला अस्पतालों सहित अन्य सभी शांत क्षेत्रों में किसी भी वक्त आतिशबाजी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इन क्षेत्रों में दिवाली के पहले व पर्व के दिन किसी भी समय पटाखे नहीं प्रयोग किए जाएंगे। आदेश के अनुपालन के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि दिवाली पर पटाखों आदि के प्रयोग से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए आतिशबाजी व पटाखों की बिक्री के संबंध में गाइड लाइन जारी की गई है। कोरोना के प्रतिबंधों के साथ दीपावली पर्व पर पटाखों के प्रयोग व बिक्री की अनुमति गई है। कम वायु प्रदूषण ब्रांडेड ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग किया जाएगा। धुआं रहित एवं कम ध्वनि के पटाखे ही बेंचे व छोडे़ जाएंगे। सीरीज युक्त पटाखे एवं सभी प्रकार के मल्टी क्रैकर्स, फैंसी की बिक्री व प्रयोग वर्जित रहेगा।
पटाखों का प्रयोग दीपावली पर रात आठ से 10 बजे तक और छठ पर्व पर सुबह छह बजे से आठ बजे तक होगा। क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात 11.55 बजे से 12.30 बजे तक ही किया जाएगा। पटाखों का बिक्री लाइसेंसधारी विक्रेता द्वारा ही किया जाएगा। पटाखों के फटने के स्थान से चार मीटर की दूरी पर 125 डीबी से अधिक ध्वनि तीव्रता उत्पन्न करने वाले पटाखों का विक्रय निषेध रहेगा। तेज आवाज वाले पटाखों का विक्रय नहीं होने दिया जाएगा। शांत क्षेत्र अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र, न्यायालय क्षेत्र से 100 मीटर की परिधि में पटाखों के प्रयोग पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। निर्देशों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई होगी।