रायबरेली शहर में लोगों को आरओ का पानी पिलाने वाले प्लांट के मानकों की जांच होगी। शासन ने बिना सीजीए (सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी) प्रमाणपत्र के संचालित प्लांट की रिपोर्ट तलब की है।
इस डीएम के निर्देश पर एफएसडीए के अभिहित अधिकारी ने सभी एफएसओ को एक सप्ताह में सभी आरओ प्लांट का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। इससे आरओ प्लांट के संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जिले में 50 से अधिक छोटे-बडे़ आरओ प्लांट चल रहे हैं। नियमानुसार केंद्र सरकार से सीजीए प्रमाणपत्र लेने के बाद ही प्लांट स्थापित करना चाहिए, लेकिन अब तक किसी ने भी यह प्रमाणपत्र हासिल नहीं किया है।
शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। मामले में क्षेत्रीय निदेशक वाईबी कौशिक ने डीएम से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। साथ ही प्लांट का निरीक्षण कर सीजीए प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
डीएम के निर्देश पर अभिहित अधिकारी ने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी कर सात दिन में सभी आरओ प्लांट का निरीक्षण कर सीजीए प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही आरओ प्लांटों से संबंधित अन्य मानकों की भी जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
आरओ प्लांट लगाने के लिए सीजीए प्रमाणपत्र जरूरी है। इसी संबंध में शासन से रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम से सात दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के कहा है। इसीलिए सभी एफएसओ को इस संबंध में पत्र जारी करके निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
शशांक त्रिपाठी, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए