जल्द ही एडीएम प्रशासन के न्यायालय में मुकदमा किया जाएगा। एफएसडीए टीम ने जून में शहर कोतवाली के पास नीरज कुमार की दुकान से आईटीसी ब्रांड के नूडल्स का नमूना लिया था।
इसके अलावा कोटिया ऊंचाहार में अमरेंद्र की दुकान से गोल्डी ब्रांड नूडल्स का नमूना भरा गया था। जांच में दोनों ही नमूने फेल पाए गए हैं।
नूडल्स में राख की मात्रा एक प्रतिशत या इससे कम होनी चाहिए, लेकिन दोनों ही नमूनों में यह मात्रा एक प्रतिशत से अधिक मिली है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. बीरबल का कहना है कि मानक के विपरीत खाद्य पदार्थ आंत और लिवर को प्रभावित कर सकते हैं।
नूडल्स यदि मानक के अनुसार नहीं हैं तो इसका सीधा असर शरीर के अंगों पर हो सकता है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी त्रिपाठी का कहना है कि नूडल्स में राख की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक पाई गई है।
कितनी है, इसका जिक्र रिपोर्ट में नहीं है।नोटिस भेजा जा रहा है। जल्द ही एडीएम प्रशासन के न्यायालय में मुकदमा किया जाएगा।