डलमऊ-ऊंचाहार। पर्वतीय क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। घाटोंं की सीढि़यां डूब गई हैं। पुरोहितों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ का मानना है कि इसी तरह जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो पानी गांवों की ओर जाना शुरू हो जाएगा। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से कटरी इलाके में रहने वाले ग्रामीण सहमे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग डलमऊ की ओर से रविवार को नदी का जलस्तर 96.240 मीटर नापा गया, जो चेतावनी बिंदु से महज 2.12 मीटर दूर है। जलस्तर बढ़ने से डलमऊ के पक्का घाट, कच्चा घाट, रानी शिवाला घाट, बड़ा मठ घाट समेत अन्य घाटों की सीढि़यों तक पानी पहुंच गया है। तीर्थ पुरोहितों ने घाटों के पास रखे तखत व अन्य सामान उठा लिए हैं।
कटरी इलाके के अंबहा, बबुरा, जमाल नगर, मोहद्दीनपुर, चक मलिक भीटी, पूरे डगरी, पूरे रेवती सिंह गांव के ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है। किसान धनंजय यादव, रामनरेश वर्मा, सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से जीव जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है।
पानी के साथ जीव जंतु गांव तक आ जाते हैं। गंगा नदी अगर चेतावनी बिंदु तक पहुंच गई तो धान समेत अन्य फसलों को नुकसान होगा। उधर, डलमऊ के अलावा ऊंचाहार व सरेनी क्षेत्र में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है। गोकना के अलावा गेगासो गंगाघाट की सीढि़यों तक पानी पहुंच गया है।
गंगा स्नान करने में हो सकती दिक्कत
इसी सप्ताह से सावन माह की शुरुआत होने वाली है। जिले के प्रमुख गंगा घाटों पर सावन माह में लोग स्नान करने पहुंचते हैं। कांवड़िये गंगा जल भरने जाते हैं। ऐसे में पानी और बढ़ा तो भक्तों को स्नान करने में परेशानी होगी। डीएम और एसपी ने बीते शनिवार को गंगा घाटों का निरीक्षण कर लिया है। अधिकारियों ने घाटों पर बैरिकेडिंग कराने के साथ लाइट की व्यवस्था कराने की बात कही है, जिससे लोगों को गंगा स्नान करने में परेशानी न हो।