जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के चलते गुरुवार को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त रही। जाम के झाम से लोग बेहाल रहे। हालात ये रहे कि वाहन रेंगते हुए चले।
यह हाल तब था, जब रूट डायवर्जन किया गया था। लेकिन इससे लोगों को जाम से राहत नहीं मिल पाई। यहां तक एंबुलेंस गाड़ियां जाम में फंसी रही। इससे रोगियों को दिक्कतें झेलनी पड़ी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए पुलिस की ओर से ट्रैफिक संचालन व्यवस्था के बेहतर दावे की पोल गुरुवार को खुल गई।
डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइंस, इंदिरा नगर रेलवे क्रॉसिंग, पुलिस लाइंस चौराहा पर बैरियर लगाकर रूट डायवर्जन किया गया था। पर जाम से लोगों को राहत नहीं मिली।
शहर में हर तरफ जाम और जाम से परेशान लोग दिखे। कैनाल रोड, जिला अस्पताल चौराहा, सिविल लाइंस, नेहरू नगर, कचहरी रोड समेत अन्य स्थानों पर जाम लगा रहा।
जाम इस कदर था कि वाहन रेंगते हुए चल रहे थे। कई एंबुलेंस गाड़ियां जाम में फंसी रही। इससे रोगियों को अस्पताल ले जाने में देरी हुई। सिविल और ट्रैफिक पुलिस के जवान भी जाम हटाने में असफल साबित हुए।
जाम में फंसे दिनेश यादव, संजय तिवारी, मो. फारुक, अरविंद कुशवाहा का कहना था कि आए दिन जाम की समस्या परेशान होना पड़ता है। आज भी जाम से जूझना पड़ा।
घंटों जाम में फंसे रहे। सीओ सदर सुशील कुमार का कहना है कि जाम न लगने पाए, इसके लिए रूट डायवर्जन किया गया था। जाम से लोगों को राहत दिलाने का पूरा प्रयास किया जाता है।