डलमऊ-ऊंचाहार। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। इसके चलते किसानों द्वारा नदी किनारे बोई गई तरबूजा और खरबूज की फसल डूब गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
सोमवार को जलस्तर 94.600 मीटर रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान निशान से मात्र 4.76 मीटर नीचे है। नदी के एकाएक बढ़े इस जल स्तर से कटरी क्षेत्र के लोगों में हड़कंप मच गया है।
डलमऊ तहसील क्षेत्र में शनिवार की शाम गंगा के जलस्तर में अचानक तेजी से बढ़ोतरी होने लगी। उफनाई गंगा का पानी कटरी क्षेत्र में फैलने से वहां किसानों की बोई गई तरबूज, खरबूजा आदि की फसल पूरी तरह डूब कर नष्ट हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
जल स्तर बढ़ने से गंगा कटरी क्षेत्र के अंबहा, बबुरा, चकमलिक भीटी, जमाल नगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, कल्याणपुर बेती, चांदपुर लुक आदि गांवों में बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है। रविवार की देर रात गंगा खतरे के निशान 99.360 मीटर के सापेक्ष 94.600 मीटर पर बह रही थी।
उपजिलाधिकारी डलमऊ विजय कुमार ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हो रही वृद्धि को देखते हुए तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कटरी में तैनात क्षेत्रीय लेखपालों और पुलिस को निर्देशित करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में गंगा के जल स्तर पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के किसान गोकना, गोलाघाट, बादशाहपुर, खरौली घाटों पर गंगा के रेत में तरबूज, खरबूजा व सब्जी की फसल की खेती करते हैं। इस समय सैकड़ों बीघे तरबूज की फसल गंगा के रेत में लहलहा रही है, लेकिन नदी के बढ़े जल स्तर के कारम उन भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
किसान रामकुमार निषाद, राम बाबू, जीवनलाल, विकास निषाद, रामलखन का कहना है कि गंगा में जलस्तर बढ़ता रहा तो आसपास के क्षेत्रों में बोई तरबूज व सब्जी की फसल बाढ़ के पानी में डूब कर बर्बाद हो जाएगी। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होगा। एसडीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि गंगा में जलस्तर अभी जल्द हुई बरसात की वजह से बढ़ रहा है। नजर रखी जा रही है।