डलमऊ(रायबरेली)। नरौरा बांध से छोड़े गए पानी से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ के पानी को देख कटरी में बसे लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी है। वहीं, स्थानीय प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी पूरी होने का दावा किया जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार रविवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर के सापेक्ष 97.960 मीटर नापा गया, जो महज आठ सेंटीमीटर दूर है। जलस्तर में लगातार हो वृद्धि को देखते हुए नदी के किनारे बसे ग्रामीण में बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने से श्मशान घाट पर शवों के अंतिम संस्कार में भी लोगों को परेशानी हो रही है। तीर्थ पुरोहित घाट के ऊपर पड़ी भूमि व पक्के चबूतरे पर अंतिम संस्कार कराने को मजबूर हैं। तीर्थ पुरोहित श्याम सुंदर, संदीप कुमार, दिलीप कुमार, भंवरनाथ का कहना है कि स्नान घाटों की सीढि़यां डूब गई हैं। उधर गंगा कटरी के जमालनगर मोहद्दीनपुर ग्राम पंचायत के ग्रामीण महादेव, सधन तिवारी, सजन यादव, राधेश्याम व जगन्नाथ का कहना है कि नदी का पानी नाले के जरिये गांव की ओर बढ़ने लगा है। कटरी में फसलें डूबने लगी हैं। ऐसे ही पानी बढ़ता रहा तो एक दाे दिन में बाढ़ का पानी गांव में घुसने लगेगा।
मवेशियों के लिए चारे का संकट
ग्रामीण जियालाल, दिनेश कुमार गुप्ता का कहना है कटरी में पशुओं को लेकर लोग छोड़ देते थे। इस लिए चारा भी कम देना पड़ता था। पानी बढ़ने से कटरी डूब गई है। मवेशियों को चरने के लिए जगह नहीं है। हरा चारा लेने के लिए नाले के पार जाना पड़ता है। पानी अधिक होने से चारा भी नहीं आ पा रहा है। उपजिलाधिकारी सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि गंंगा बाढ़ को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। लगातार निगरानी की जा रही है। अभी बाढ़ का पानी गांवों से दूर है।
फैक्ट फाइल
चेतावनी बिंदु- 98.360 मीटर
खतरे का निशान- 99.360 मीटर
गंगा का जलस्तर - 97.960 मीटर