रायबरेली। आयात-निर्यात लाइसेंस बनवाने के नाम पर एक युवक से 21 लाख की ठगी की गई। पैसा देने के बाद भी कंपनी के अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही पीडि़त से मुलाकात करते हैं। एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को दिल्ली की यूनिवर्स व्यापारडाट काॅम की महिला प्रतिनिधि समेत दो लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
रायबरेली शहर के रामजीपुरम बस्तेपुर निवासी आशीष कुमार पुत्र नरेश आरबी के मुताबिक उनके पिता से सेना से रिटायर हैं। एग्रीकल्चर उत्पादों को देश के बाहर बेचने के लिए लाइसेंस पाने को दिल्ली की यूनिवर्स व्यापारडाट काम कंपनी से इसी साल उनसे संपर्क किया था। यह कंपनी ऑनलाइन रजिस्टर्ड है। कंपनी की प्रतिनिधि रिया और कंपनी के हेड गौरव ने अपना आफिस जनकपुरी मेट्रो स्टेशन दिल्ली होना बताया था।
लाइसेंस पाने के सिलसिले में वह दिल्ली गए, लेकिन वहां पर कंपनी के हेड गौरव नहीं मिले। पीड़ित के मुताबिक फोन से बात करने पर गौरव ने सारे कागज और फार्मेलिटी तैयार करके कार्यालय में जमा करने की बात कही। साथ ही अपने खाते में 21 लाख रुपये भी ट्रांसफर करा लिए। यह धनराशि उन्होंने किस्तों में ट्रांसफर किया था। बावजूद उन्हें लाइसेंस नहीं मिल पाया। आरोपी न तो मुलाकात करते हैं और न ही फोन से बात करते हैं। पैसा मांगने पर जानमाल की धमकी देते हैं।
कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चार अप्रैल को एसपी के आदेश पर रिया और गौरव पर केस दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना सिविल लाइंस चौकी प्रभारी उपेंद्र सिंह भदौरिया को सौंपी गई है।