रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की परीक्षाओं से भले ही छुट्टी मिल गई है, लेकिन अभी राहत नहीं मिली है। वजह यह कि मूल्यांकन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें ज्यादातर माध्यमिक शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। शहर में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां कॉपियां आने का सिलसिला शुरू हो गया है। परीक्षकों की तैनाती हो गई है, जिन्हें 17 मार्च को कार्यभार ग्रहण करना है। 18 मार्च को प्रशिक्षण होगा। मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से दो अप्रैल तक चलेगा।
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए माध्यमिक विद्यालयों के समस्त स्टाफ के साथ बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को भी लगाया गया था। परीक्षा खत्म होते ही सभी को छुट्टी मिल गई, लेकिन यह छुट्टी कुछ दिन की रही। माध्यमिक शिक्षकों को अब मूल्यांकन कार्य में लगा दिया गया है, जो सोमवार से अपने मूल्यांकन केंद्र में कार्यभार ग्रहण करने लगेंगे।
शहर में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है, जबकि वैदिक इंटर कॉलेज और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की कॉपियां जांची जाएंगी। किस केंद्र में कितनी कॉपियां आएंगी और कितने परीक्षक तैनात किए गए हैं, इसकी जानकारी सभी कॉपियां आने और परीक्षकों के कार्यभार ग्रहण करने के बाद हो सकेगी।
बाहरी लोगों पर पाबंदी, मोबाइल नहीं ले जाएंगे
मूल्यांकन केंद्रों पर कड़ी निगरानी रहेगी। मूल्यांकन कार्य में लगे स्टाफ के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मूल्यांकन कार्य करने वाले परीक्षकों को भी मोबाइल फोन या अन्य कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। फोटोग्राफी पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे, ताकि पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
मूल्यांकन केंद्रों में पेयजल, प्रकाश और शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। सभी परीक्षकों से 17 मार्च को कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है, ताकि 18 मार्च को मूल्यांकन संबंधी प्रशिक्षण दिया जा सके। मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से शुरू हो जाएगा, जिसे 2 अप्रैल तक पूरा करना होगा।
परीक्षार्थियों को मिली राहत, अब परीक्षाफल का इंतजार
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च तक कराई गई। परीक्षा खत्म होते ही परीक्षार्थियों को राहत मिल गई है। उन्हें अब जल्द से जल्द मूल्यांकन कार्य पूरा होने और फिर परीक्षाफल घोषित होने का इंतजार है। जिले में 109 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 72915 परीक्षार्थियों को आवंटित किया गया।
इनमें हाईस्कूल के 37951 परीक्षार्थियों में बालक 19439 और बालिकाएं 18512 शामिल रहे। इंटरमीडिएट में 34964 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें बालक 17298 और बालिकाएं 17666 रहे। लगभग पौने चार हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को अच्छा रिजल्ट आने की उम्मीद है।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं। अब मूल्यांकन की तैयारी शुरू की गई है। चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन केंद्रों में सभी जरूरी इंतजाम पूरे कराए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों के जरिए मूल्यांकन केंद्रों की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी भी कराई जाएगी।
-संजीव कुमार सिंह, डीआईओएस