रायबरेली। शासनादेश के विपरीत कराए गए भूमि के चार बैनामों को शून्य घोषित कर दिया गया है। ये बैनामे डीएम के बिना अनुमति के अनुसूचित जाति के किसान से कराए गए थे। मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए एसडीएम ऊंचाहार राजेश कुमार श्रीवास्तव ने यह फैसला सुनाया है। उन्होंने संबंधित भूमि को सरकारी खाते में दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
सरकार की मंशा है कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति की प्रापर्टी का बैनामा कराने के लिए डीएम की अनुमति जरूर ली जाए। बिना डीएम की अनुमति के किसी भी हाल में अनुसूचित जाति की भूमि का बैनामा सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को न किया जाए। इसके बाद भी ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे प्रताप मजरे मिर्जापुर ऐहारी निवासी सुंदरलाल पुत्र किशन ने पट्टी रहस कैथवल में गाटा संख्या 1647 क से रमाकांत, राजेंद्र कुमार, रामलखन व राम विशाल को बैनामा कर दिया था।
सुंदरलाल अनुसूचित जाति का था। उप निबंधन कार्यालय ऊंचाहार में भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया। पट्टीरहस कैथवल के लेखपाल ने बीती 18 अगस्त को अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी थी। मुकदमे की प्रक्रिया शुरू करते हुए एसडीएम ने संबंधितों को नोटिस दिया। एसडीएम ऊंचाहार राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए संबंधित बैनामों को शून्य घोषित कर दिया है।