रायबरेली। डीफार्मा छात्र आदित्य प्रताप सिंह उर्फ रवि सिंह की हत्या के चर्चित मामले में गुरुवार को सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी आरपी यादव को जेल भेज दिया गया।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूर्व जिलाध्यक्ष को दीवानी कचहरी स्थित सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया। दीवानी कचहरी और जेल के बाहर सपाइयों ने गिरफ्तारी के विरोध में हंगामा किया।
इस दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच नोकझोंक हुई। इस चर्चित हत्याकांड में अब तक कुल 15 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी आदित्य प्रताप सिंह की 9 अक्तूबर को मिल एरिया थाना क्षेत्र के रतापुर स्थित सोमू ढाबा में हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में पुलिस सोमू ढाबा मालिक सुरेश यादव समेत 12 हमलावरों को पहले ही जेल भेज चुकी थी। ढाबा मालिक के बेटे अर्कित यादव और हर्षित वर्मा को पुलिस ने लुधियाना से गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को जेल भेजा था।
इस मामले में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी यादव को हिरासत में लेते हुए उन्हें पुलिस लाइंस में रखा गया था। उनको गुरुवार को पुलिस ने जेल भेज दिया।
इस दौरान दीवानी कचहरी गेट और जेल के बाहर सपाइयों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए हंगामा किया। सीओ सदर गोपीनाथ सोनी के अलावा कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई थी।
कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व जिलाध्यक्ष को जेल के अंदर किया गया। सीओ ने बताया कि डीफार्मा छात्र की हत्या के मामले में पूर्व जिलाध्यक्ष को जेल भेज दिया गया है।