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पूर्व वित्तमंत्री का 200 लाइट लगवाने का प्रस्ताव निरस्त, वापस होंगे ढाई करोड़

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रायबरेली। पूर्व वित्तमंत्री दिवंगत अरुण जेटली के 200 हाई मास्ट लाइट लगवाने के प्रस्ताव को डीएम ने निरस्त कर दिया है। 30 जुलाई को पूर्व वित्तमंत्री के बिना हस्ताक्षर के आए प्रस्ताव में स्थानीय निकाय निधि से लाइटें लगवाने का जिक्र था। हालांकि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर डीएम ने प्रस्ताव निरस्त कर शासन को सूचना भेज दी है। जिले को निधि से मिले ढाई करोड़ रुपये को वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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राज्यसभा सदस्य रहे पूर्व वित्तमंत्री दिवंगत अरुण जेटली ने अपनी निधि से जिले में विकास कराना चाहते थे। इसी के चलते 25 सितंबर 2018 को विकास के लिए ढाई करोड़ रुपये जिले के लिए उपलब्ध करा दिए थे। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के कारण कार्यों के प्रस्ताव नहीं दिए थे। बाद में अधिसूचना खत्म होने के बाद उनकी तबियत ही खराब हो गई थी।
ऐसी स्थिति में 11 माह में डीआरडीए से कई बार कार्यों के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा लेकिन, प्रस्ताव न मिलने के कारण निधि खर्च नहीं हो सकी। 30 जुलाई को 200 हाईमास्ट लाइटें लगवाने के लिए एक प्रस्ताव डीआरडीए को उपलब्ध कराया गया। खास बात यह कि प्रस्ताव पर दिवंगत पूर्व वित्तमंत्री के हस्ताक्षर नहीं थे।
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हालांकि वे सांसद निधि से ही कार्य कराने का प्रस्ताव दे सकते थे लेकिन, प्रस्ताव में स्थानीय विकास निधि से 200 लाइटें लगवाने का प्रस्ताव दिया गया था। प्रस्ताव की पड़ताल कराने पर प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर डीएम नेहा शर्मा ने 200 लाइटों के प्रस्ताव को निरस्त कर मामले में शासन को अवगत भी करा दिया है। साथ ही निधि से मिलने ढाई करोड़ रुपये वापस किए जाने की तैयारी शुरू करा दी है।
पूर्व वित्तमंत्री दिवंगत अरुण जेटली सांसद सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में अपनी निधि से विकास कराना चाहते थे। लेकिन, रायबरेली का दुर्भाग्य रहा कि उनकी निधि का एक रुपये भी खर्च नहीं हो सका। कभी चुनाव के कारण तो कभी उनके बीमार होने और अब उनके दिवंगत होने के बाद विकास का सपना साकार नहीं हो सका।
11 माह पहले जिले को नोडल जिला चुने आने के बाद विकास की उम्मीद बढ़ी थी, लेकिन ढाई करोड़ रुपये खाते तक ही सिमटकर रह गए।
जिला अधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि राज्यसभा सदस्य व वित्तमंत्री दिवंगत अरुण जेटली की निधि से ढाई करोड़ मिले थे। 200 लाइटों का प्रस्ताव आया था। साइन व अन्य खामियों के कारण प्रस्ताव पास होना संभव नहीं था, इसी कारण उसे निरस्त किया गया है। निधि की धनराशि वापस कराई जाएगी।
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