रायबरेली। शहर क्षेत्र में मंगलवार को मुसाफिरों से भरी रोडवेज पर न सिर्फ पथराव किया गया, बल्कि चालक की धुनाई की गई। पथराव से बस के आगे का हिस्सा आधा शीशा टूट गया। इससे पांच यात्री घायल हो गए।
चालक की पिटाई से रोडवेज कर्मियों का गुस्सा फूट गया। सभी बसें खड़ी कर कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। चालक का कहना है कि कुछ दिन पहले भी उसके साथ मारपीट की गई थी।
इसी रंजिश में उस पर हमला किया गया। एआरएम के समझाने पर बसों का संचालन शुरू हो सका। पुलिस का कहना है कि पड़ताल के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
डलमऊ क्षेत्र के भीरागोविंदपुर से सवारियां भरकर रोडवेज बस जिला मुख्यालय आ रही थी। बस स्टेशन के पास कुछ युवकों ने उस पर पथराव शुरू कर दिया। बस पर करीब 50 सवारियां सवार थी।
ईंट-पत्थर बस के आगे के हिस्से में लगे शीशे को तोड़ते हुए बस के अंदर बैठे मुसाफिरों पर जाकर लगे। इससे अनीता, राम दुलारी, अनुज समेत पांच मुसाफिरों को चोटें आईं। चालक अजय सिंह उर्फ कल्लू ने गाड़ी रोक दी।
घटना की सूचना विभाग के अधिकारियों व अन्य रोडवेज कर्मियों को दी। इससे पहले कि अन्य लोग पहुंचे हमलावरों ने चालक की धुनाई भी कर दी। कुछ देर बाद एआरएम कैलाशराम और कोतवाल अतुल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
बस रुकते ही उस पर सवार मुसाफिर भाग खड़े हुए। सभी में अफरातफरी रही। गुस्साए रोडवेज कर्मियों ने बसों का चक्का जाम करते हुए प्रदर्शन करने लगे। कार्रवाई का भरोसा देते हुए बसों का संचालन शुरू कराया गया।
चालक का कहना है कि कुछ दिन पहले भी उसके साथ मारपीट बस स्टेशन परिसर में की गई थी। उसी हमले के चलते हमला करके जान से मारने की कोशिश की गई।
कोतवाल का कहना है कि चालक की तहरीर पर गौरव सोनकर, अमित चौरसिया, अंकुर वाजपेयी समेत तीन हमलावरों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, मारपीट करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। एआरएम का कहना है कि मामले में कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों से कहा गया है। रोडवेज कर्मियों के साथ मारपीट की घटना पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे।
शहर के चकभीखमपुर अमर नगर निवासी अंकुर वाजपेयी ने एसपी को पत्र देकर मामले में न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ने कहा कि चालक ने रंजिश के चलते झूठ बोल मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।
जहां पर घटना होना बताया जा रहा है, वहां स्थित दुकानों पर सीसीटीवी फुटेज भी लगे हैं। यदि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल ले तो सच्चाई सामने आ जाएगी। कोतवाल का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।