रायबरेली। सलोन में हुए रामफेर हत्याकांड में शनिवार को 28 साल बाद फैसला आया। कोर्ट ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख सलोन समेत दो लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया।
23 फरवरी 1997 में सलोन कोतवाली क्षेत्र के जमुरवा बुजुर्ग निवासी गेंदालाल के पिता रामफेर की हत्या की गई थी। मामले में आजाद सिंह, मुन्ना सिंह, बलराम तिवारी व राकेश के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई थी। न्यायालय ने आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद सिंह व मुन्ना सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
मामले में दो आरोपी बलराम तिवारी व राकेश को दोषी करार किया है। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि उन्हें भरोसा था कि न्याय मिलेगा। अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तिथि नियत की है।