डीह थाना क्षेत्र के आंटी नौगवां गांव में सोमवार शाम जंगल में लगी आग की चपेट में आने से एक मूकबधिर की जिंदा जलकर मौत हो गई।
खेत में लगे शीशम के पौधे बचाने के दौरान मूकबधिर लपटों की चपेट में आया। ग्रामीणों ने पहुंचकर आग को बुझाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
आग कैसे लगी, इसका कारण पता नहीं चल सका है। आग से लाखों रुपये के पेड़, पौधे जल गए। घटना की सूचना के बावजूद वन विभाग का कोई अधिकारी, कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
डीह थाना क्षेत्र के आंटी नौगवां गांव में ढाई बीघे में जंगल है। गांव निवासी एवं मूकबधिर सुंदरलाल यादव (55) के जंगल से सटे खेत हैं। जिसमें उसने शीशम के पौधे लगा रखे थे।
शाम को अचानक जंगल में आग लग गई। शीशम के पौधे कहीं जल न जाए, इसलिए सुंदरलाल आग बुझाने लगा। इसी दौरान वह लपटों की चपेट में आ गया और जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई।
चूंकि मूकबधिर था। इसलिए किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। आग की सूचना पर इलाकाई ग्रामीण पहुंचे तो वहां पर सुंदरलाल मृत अवस्था में मिला।
उसकी शादी नहीं हुई थी। उसके मामा के लड़के गुरुशरण ने घटना की सूचना थाने में दी। वहीं आग से लाखों रुपये के पेड़, पौधे, सरपत जल गया।
थानेदार पवन त्रिवेदी का कहना है कि जंगल में आग लगने के कारण सुंदरलाल की जलकर मौत हुई है। घटना की जांच की जा रही है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उधर, रेंजर डीके सिंह का कहना है कि जिस जंगल में आग लगी है, वह सरकारी जंगल नहीं है।