रायबरेली। कोर्ट ने हरचंदपुर थाना क्षेत्र में पांच साल पहले हुई एक महिला की हत्या के मामले में मृतका के देवर समेत पांच हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं एक अन्य महिला आरोपी को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित कोर्ट संख्या चार के अपर सत्र न्यायाधीश जैगम उद्दीन ने मंगलवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) गिरिजेश कुमार सिंह के मुताबिक रिपोर्ट हरचंदपुर थाना क्षेत्र के जोहवाशर्की निवासी शिवप्रताप सिंह ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 6 मई 2014 की शाम रामचंद्र, फूलचंद्र पासी, शिवप्रताप पासी व रामविलास लोध ने वादी व उसकी मां जानकी सिंह को मारा। गंभीर हालत में जानकी को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे लखनऊ रेफर किया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद मृतका के देवर कृष्णपाल सिंह, फूलचंद्र, रामविलास लोध, शिवप्रताप, रामचंद्र व सीता सिंह के विरुद्ध हत्या आदि की धारा के तहत चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल की।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कृष्णपाल सिंह, फूलचंद्र, शिवप्रताप, रामविलास लोध, रामचंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सीता सिंह को बरी कर दिया। कोर्ट ने अर्थदंड की जमा होने वाली धनराशि की आधी राशि मृतका के परिवारीजनों को देने का भी आदेश दिया है।