रायबरेली। रोहनियां ब्लॉक के सफाईकर्मियों ने बैंक से ऋण लेने के लिए प्रमाणपत्र पर जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) सौम्यशील सिंह के फर्जी हस्ताक्षर बना लिए। बैंक में मामला पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ ने जांच के बाद शनिवार को पांचों सफाईकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
राही, लालगंज, खीरों, सरेनी और बछरावां के एडीओ पंचायत को अंतिम जांच सौंपी गई है। रोहनियां ब्लॉक के तामसगढ़ के सफाईकर्मी राम सिंह, इटौरा बुजुर्ग के सफाईकर्मी जितेंद्र कुमार, सराय अख्तियार के सफाईकर्मी अशफीलाल, डिडौली के सफाईकर्मी किरन और गंगेहरा गुलालगंज के सफाईकर्मी शिवम ने बैंक से ऋण लेने के लिए बैंक में प्रमाणपत्र जमा किए थे। नियमानुसार, तीन माह के वेतन के प्रमाणपत्र को डीपीआरओ से हस्ताक्षर कराकर बैंक में जमा करने के बाद ही ऋण मिलता है।
पांचों सफाईकर्मियों ने पिछले मई, जून और जुलाई के वेतन प्रमाणपत्र पर डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर करके बैंक में जमा कर दिए। बैंक कर्मियों ने परीक्षण के दौरान डीपीआरओ के हस्ताक्षरों का मिलान किया तो आशंका होने पर सूचना डीपीआरओ को दी। मामले में टीम बनाकर जांच कराई गई तो वेतन प्रमाणपत्रों पर डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर मिले। जांच रिपोर्ट आते ही शनिवार को डीपीआरओ ने फर्जी हस्ताक्षर बनाने वाले पांचों सफाईकर्मियों को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने बताया कि मामले में शामिल अन्य कर्मियों पर भी जल्द ही कार्रवाई हाेगी।
कई और सफाईकर्मी निशाने पर
रोहनियां ब्लॉक में सफाईकर्मियों का फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद कई और कर्मी निशाने पर हैं। अंदर ही अंदर जांच शुरू करा दी गई है। आशंका है कि डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर बनाने में कई और सफाईकर्मियों का हाथ है। सफाईकर्मियों के निलंबित होने के बाद विभाग में मामला गरमा गया है।