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पहले सत्यापन, नोटिस और फिर वसूली का चलेगा चाबुक

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रायबरेली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किए जा रहे खेल का खुलासा होने के बाद कृषि विभाग के अफसरों में हड़कंप मचा है। अमर उजाला की 33 हजार मुर्दे भी ले रहे किसान सम्मान निधि की खबर को संज्ञान में लेते हुए सोमवार को कृषि विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। लेखपालों के साथ ही सत्यापन कार्य में विभागीय कर्मियों की भी ड्यूूटी लगा दी। पहले मृतक किसानों का सत्यापन होगा। इसके बाद संबंधित किसानों के परिवारीजनों को नोटिस जारी होगी और इसके बाद पैसे की वसूली का चाबुक चलेगा। खबर छपने के बाद उन लोगों में हड़कंप मचा है, जिनके परिवारीजनों की मौत हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने सम्मान निधि का लाभ ले लिया था।
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कृषि निदेशालय लखनऊ की ओर से उप कृषि कार्यालय को 33 हजार 936 उन मृतक किसानों को सूची भेजी है, जो सम्मान निधि योजना के लाभार्थी थी। वर्ष 2019 में यह योजना शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक हुए वरासत के बाद यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। 27 जून के अंक में अमर उजाला ने 33 हजार मुर्दे भी ले रहे किसान सम्मान निधि शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद कृषि विभाग के अफसरों में हड़कंप रहा।
जिला कृषि अधिकारी-प्रभारी उप कृषि निदेशक ने लालगंज, रायबरेली, सलोन, महराजगंज, ऊंचाहार, डलमऊ तहसील के संबंधित एसडीएम को मृतक किसानों की सूची भेजकर उनका सत्यापन लेखपाल से कराने के लिए कहा है। सत्यापन का कार्य जल्द हो सके, इसके लिए उन्होंने लेखपाल के साथ ही कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी है। सत्यापन के बाद योजना का लाभ लेने वाले मृतक किसानों के परिवारीजनों को नोटिस भेजी जाएगी। इसके बाद मरने से पहले जितना पैसा किसानों के खाते में भेजा गया था, उसकी रिकवरी उनके परिवारीजनों से बैंक के माध्यम से कराई जाएगी।
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खुलासे के बाद अफसरों के घनघनाते रहे फोन
अमर उजाला के सम्मान निधि योजना में मनमानी का खेल उजागर करने के बाद कृषि विभाग के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप रहा। यही वजह रही कि कृषि विभाग के अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे और उनसे हर कोई यही सवाल करता रहा कि सम्मान निधि योजना में खेल कैसे हो गया। इसको लेकर अफसर के साथ ही कर्मचारी भी हलाकान रहे।
10 दिन में पूरा हो जाएगा सत्यापन का कार्य
कृषि निदेशालय लखनऊ की तरफ से जो मृतक किसानों की सूची भेजी गई है, उसका सत्यापन का कार्य करीब 10 दिन में पूरा करा लिया जाएगा। लेखपालों के साथ ही विभागीय कर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। सत्यापन के बाद पता चल पाएगा कि मरने के बाद भी किन किसानों के खाते में कितनी धनराशि पहुंची। यह जानने के बाद नोटिस देकर मृतक किसानों के परिवारीजनों से पैसे की वसूली कराई जाएगी। -रविचंद्र प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी/प्रभारी उप कृषि निदेशक
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