रायबरेली। शहर के आचार्य द्विवेदी इंटर कॉलेज स्थित एचडीएफसी बैंक के यूपीएस रूम में रविवार को आग लग गई। बैंक के अंदर से धुआं उठने से आसपास के लोगों और सुरक्षा गार्ड में अफरातफरी मच गई। आग से यूपीएस रूम में रखीं करीब 35 बैट्रियों समेत अन्य सामान जलकर राख हो गया। पांच लाख से ज्यादा का नुकसान का आंकलन लगाया जा रहा है। बैंक अफसरों की तरफ से नुकसान के बारे में कुछ नहीं बताया गया। गनीमत रही कि आग की लपटें बैंक में रखी नकदी तक नहीं पहुंची। यह बैंक जिस स्थान पर है, वह भीड़भाड़ वाला इलाका है।
घटना की सूचना पर अग्निशमन विभाग की तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। ढाई घंटे बाद दमकल जवानों ने आग पर काबू पाया। आग की घटना पर सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह, सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी, एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित, सदर कोतवाल अतुल सिंह, मुख्य जिला अग्निशमन अधिकारी राजीव पांडेय ने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। शार्ट सर्किट के चलते आग लगने की वजह बताई जा रही है। आग की घटना के बाद बैंक अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि शार्ट सर्किट के चलते बैंक के यूपीएस रूम में आग लगी थी। सूचना पर पहुंचकर आग पर काबू पाया गया। मुख्य जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पांच लाख से ज्यादा के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
अग्निशमन यंत्र भी आग से जले
आग की घटना से निपटने के लिए बैंक में लगाए गए अग्निशमन यंत्र महज शोपीश साबित हुए। घटना के दौरान अग्निशमन यंत्र आग को काबू करने में नाकाम साबित हुए। कई अग्निशमन यंत्र आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गए। इससे जाहिर है कि बैंक जाने वाले ग्राहकों के साथ किस तरह की सुरक्षा में चूक बरती जा रही थी। गनीमत रही कि रविवार का दिन होने के कारण छुट्टी थी। यदि यही घटना बैंक के खुलने के दौरान हुई होती तो ग्राहक भी इसके चपेट में आ जाते।
लापरवाही हादसे की वजह, थमाया जाएगा नोटिस
एचडीएफसी बैंक में आग की घटना लापरवाही की वजह मानी जा रही है। मुख्य जिला अग्निशमन अधिकारी बताते हैं कि तीन दिन पहले यूपीएस रूम में गड़बड़ी आने पर बैट्रियों की सेटिंग कराई गई थी। मिस्त्री की तरफ से तार ठीक तरीके से नहीं लगाए गए थे। इसी वजह से यह घटना हो गई। ऐेसे में बैंक अफसरों की लापरवाही से इंकार नहीं किया जा सकता है। सुरक्षा में लापरवाही मानते हुए बैंक अफसरों को नोटिस भी दिया जाएगा। उनका कहना है कि समय पर पहुंचकर करीब एक करोड़ की क्षति बचाई गई। यदि आग को काबू में न किया जाता तो बैट्रियों के अलावा नकदी समेत अन्य सामान भी जलकर राख हो जाता।