रायबरेली। जिले के सबसे बड़े 400 केवी ट्रांसमिशन सेंटर में बिजली आपूर्ति शुरू होने से पहले ही आग लग गई। इससे उपकेंद्र के अंदर रखे करीब 10 करोड़ लागत के उपकरण जल गए। यह सामान कार्यदायी संस्था बीजीआर को दिया गया था। दमकल कर्मियों की मदद से बमुश्किल आग पर काबू पाया जा सका।
सलोन क्षेत्र के सिरसिरा में करीब 375 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसमिशन का निर्माण चल रहा है। इसका निर्माण 2017 में शुरू हुआ था। इस कार्य को कराने की जिम्मेदारी बीजीआर को सौंपी गई थी। काम में हीला हवाली के चलते डेढ़ साल पहले बीजीआर को डिफाल्टर भी घोषित कर दिया गया था। इसके बाद से उपकेंद्र में सामान रखा था।
शनिवार को दोपहर दो बजे बाउंड्रीवाल के बाहर सरपत में किसी ने आग लगा दी। आग की लपटों से परिसर के अंदर खरपतवार में लगी आग ने धीरे-धीरे परिसर में रखे बिजली के कीमती उपकरणों को भी अपने चपेट में ले लिया। इससे केबल के बंडल धू-धू करजलने लगे। लकड़ी के बक्सों में पैक रखे 220 केवी लाइन के उपकरण भी जल गए। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
अभियंताओं की उदासीनता से नहीं शुरू हुआ काम
डेढ़ साल पहले बीजीआर एजेंसी को डिफाल्टर घोषित कर दिया गया था। उसके बाद से अभियंता काम कराने के लिए किसी भी नई एजेंसी की खोज नहीं कर पाए। ट्रांसमिशन में भवन, कंट्रोल रूम समेत सिविल काम हो चुका है। इलेक्ट्रानिक का काम होना शेष है। डेढ़ साल से अभियंता बचे हुए काम के लिए टेंडर तक नहीं निकाल सके हैं। इसी कारण ट्रांसमिशन से बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई हैं।
जांच के बाद पता चलेगा नुकसान
ट्रांसमिशन में आग लगने की जानकारी के बाद मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया है। अराजकतत्वों ने बाउंड्रीवाल के बाहर आग लगाई थी, जिसकी चिंगारी भवन परिसर के अंदर पहुंचने के कारण आग लगी। इससे कितना नुकसान हुआ है। इसका आकलन किया जा रहा है।
सौरभ प्रजापति, एसडीओ ट्रांसमिशन