खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के खीरों ग्राम सभा में मनरेगा के तहत तालाब की खोदाई के दौरान किसान व रोजगार सेवक के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इससे काम कर रहे श्रमिकों में अफरातफरी मच गई। सभी ने काम ठप करके ब्लॉक मुख्यालय पर डेरा डाल दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस व हल्का लेखपाल ने जमीन का सीमांकन किया। इसमें उक्त स्थल को तालाब की भूमि बताया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध थाने में तहरीर दी है।
खीरों ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि खीरों कस्बा के बड़े तालाब में मनरेगा के तहत शनिवार को खोदाई चल रही थी। इसमें 200 श्रमिक कार्य कर रहे थे। तालाब की भूमि का लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व सीमांकन राजस्व विभाग के अधिकारियों ने किया था। इसी तालाब की भूमि के बगल में विद्यावती पत्नी शिवबरन बहेलिया की एक बीघा भूमिधरी जमीन है। लेकिन उन्होंने अवैध रूप से अधिक कब्जा कर रखा है।
मनरेगा कार्य के दौरान शिवबरन के बेटे राजकुमार व रामकुमार मौके पर पहुंचे। श्रमिकों से जबरन कार्य रुकवाने लगे। इसका विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। दूसरे पक्ष से राम कुमार बहेलिया ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी केकती शनिवार की सुबह खेतों में काम कर रही थी। उसके साथ रोजगार सेवक सहित तीन लोगों ने मारपीट की।
घटना की सूचना पर मौके पर राजस्व विभाग से लेखपाल छोटेलाल, एडीओ पंचायत सुशील कुमार, प्रभारी निरीक्षक खीरों मणिशंकर तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जमीन का सीमांकन कर मामला शांत कराया। लेखपाल छोटेलाल ने बताया कि तालाब की जमीन 13 बीघा है। इसके कुछ भाग में विद्यावती का कब्जा है। पैमाइश करके उनका जमीन बाहर कर दी गई। एसओ ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।