वाहनों की तेज रफ्तार घटनाओं की वजह बनी, पर इस पर अंकुश लगाने को लेकर अफसर गंभीर नहीं है। यह हाल तब है, जब यातायात माह चल रहा है।
गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के देदौर गांव निवासी दुष्यंत कुमार (23) किसानी करता था। सुबह ट्रैक्टर लेकर कहीं जा रहा था। बताते हैं कि तेज रफ्तार होने के चलते ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।
इससे दुष्यंत और गांव का ही उसका साथी सौरभ पटेल (25) ट्रैक्टर के नीचे दब गए। आसपास के लोगों ने दोनों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने दुष्यंत को मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं सौरभ को घायल अवस्था में भर्ती कराया गया है। परिवारीजन बिना लिखा-पढ़ी किए ही शव लेकर चले गए। एसओ अनिल सिंह का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है।
भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे रामदास गांव निवासी रामनरेश (30) शनिवार रात गांव के ही पास ही सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान एक बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी, जिससे रामनरेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसओ एसएन यादव का कहना है कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
उधर, खीरों थाना क्षेत्र के बंगलहन खेड़ा मजरे किशुनखेड़ा निवासी अर्जुन प्रसाद (29) पुत्र सोहनलाल शनिवार देर शाम घर से बाइक से उन्नाव केबिहार थाना क्षेत्र के गांव गौरा ससुराल जा रहा था।
खीरों-अतरहर मार्ग पर बाइक की रफ्तार तेज होने के कारण वह संतुलन खो बैठा। इससे बाइक सड़क की दाहिनी ओर स्थित लगभग 15 फिट गहरी खाई में चली गई। इस दौरान अर्जुन बाइक के नीचे दब गया।
पूरी रात वही पड़े रहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए था। सुबह उसका शव मिलने से हड़कंप मच गया।
मृतक की जेब से मिले पर्स में उसका पहचान पत्र एटीएम के साथ ही जेब में मोबाइल मिला। जेब में पड़े पहचान पत्र आदि से उसकी पहचान अर्जुन प्रसाद के रूप में हुई। एसओ आरपी रावत का कहना है कि बाइक से खड्ड में गिरने से युवक की मौत हुई है।