रायबरेली। जिले में यूरिया का संकट गहराता जा रहा है। 160 साधन सहकारी समितियों में खाद की किल्लत होने से किसान परेशान हैं। ऐसे में किसान बाजार से महंगे दाम में खाद खरीदने को मजबूर हैं। डीह ब्लॉक क्षेत्र की साधन सहकारी समिति खेतौंधन, डीह, मऊ में यूरिया नहीं है।
छतोह की साधन सहकारी समिति, लालगंज की सेमरपहा और बेहटाकला समितियों में खाद न मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेहटाकला साधन सहकारी समिति में पीओएस मशीन में गड़बड़ी के कारण खाद वितरण प्रभावित है।
खाद की किल्लत पर किसान दिनेश यादव, अमरेश कुमार, अंबुज वर्मा कहते हैं कि धान की फसल की सिंचाई करने के बाद यूरिया का छिड़काव किया जाना है। खाद समितियों में नहीं मिल पा रही है। एक बोरी यूरिया की कीमत 266 रुपये है, लेकिन कुछ किसान 280 से 290 प्रति बोरी की दर से बाजार से खाद खरीदने को मजबूर हैं।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय के मुताबिक जिले में 160 साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें 32 ऐसी साधन सहकारी समितियां हैं, जहां पर 20 बोरी से कम खाद उपलब्ध है। सभी समितियों में 1734 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। जिला मुख्यालय स्थित गोदाम में तीन हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। खाद को समितियों में भिजवाया जा रहा है।
भटक रहे किसान
नसीराबाद। छतोह की साधन सहकारी समितियों में पर्याप्त यूरिया न होने से किसानों को भटकना पड़ रहा है। साधन सहकारी समिति बेवल में अभी तक तीन सौ बोरी खाद का वितरण हुआ है। इसी तरह साधन सहकारी समिति छतोह में 350 किसानों को ही खाद मिली है। समितियों में किसानों की संख्या अधिक होने से सभी किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
खाद की भेजी गई डिमांड
डीह। साधन सहकारी समिति खेतौधन, डीह, मऊ में यूरिया नहीं है। साधन सहकारी समिति डीह के सचिव बीर बहादुर सिंह ने बताया कि 2000 किसान समिति में पंजीकृत हैं। अब तक 1600 बोरी यूरिया आ चुकी है। किसान अब भी यूरिया की मांग कर रहे हैं। डिमांड भेजी गई है। साधन सहकारी समिति टेकारी में अब तक 2000 बोरी यूरिया का वितरण किया जा चुका है। एडीओ सहकारिता अतुल कुमार ने बताया कि यूरिया की डिमांड भेजी गई है। एक दो दिन में सभी समितियों में खाद पहुंच जाएगी।
पीओएस मशीन में गड़बड़ी से दिक्कत
लालगंज। विकासखंड क्षेत्र की 10 साधन सहकारी समितियों में सेमरपहा, गोविंदपुर विलौली और बेहटाकला में खाद न मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेहटाकला साधन सहकारी समिति में पीओएस मशीन में गड़बड़ी के कारण खाद वितरण प्रभावित है, जबकि सेमरपहा समिति में खाद की किल्लत बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है, उनके लिए डिमांड भेजी गई है। एडीओ कोऑपरेटिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकांश समितियों पर खाद उपलब्ध है।