परशदेपुर। बंगला मजरे फागूपुर में मंगलवार को अवैध मिट्टी खनन पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि बिना भूमि का चिन्हांकन कराए मिट्टी का खनन हो रहा है। नाराज ग्रामीणों ने जेसीबी और डंपर चालक को खदेड़ दिया। मामले की जानकारी पर लेखपाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
बंगला मजरे फागूपुर में अवैध मिट्टी खनन से ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। जेसीबी और डंपर चालकों को दौड़ाने के बाद ग्रामीणों ने सलोन-जायस रोड पर केसवापुर गांव के पास प्रदर्शन शुरू कर दिया। सलोन कोतवाली से दारोगा जय प्रकाश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने कहा कि पहले उनकी भूमि की नाप की जाए, उसके बाद राजस्व विभाग गंगा एक्सप्रेस के ठेकेदारों को खनन की अनुमति दे।
बंगला गांव की ग्रामीण कंचन देवी, पुष्पा देवी, संतोष कुमार, संगीता, जियालाल, दिनेश कुमार, बृजेश कुमार, चंद्रेश यादव व शिवप्रसाद यादव ने बताया कि बिना सूचना के भूमि पर राजस्व विभाग ने गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए खनन का अनुमति दी है। ग्रामीणों ने यह बताया कि पहले सई नदी की धारा दूसरी जगह से बहती थी। अब भूमिधरी जमीन से बह रही है। राजस्व विभाग पहले जमीन की पैमाइश करे।
मामले की जानकारी एसडीएम चंद्र प्रकाश को हुई। इस पर लेखपाल मौके पर गए और ग्रामीणों की बात सुनने के बाद उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। उप जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश ने बताया की मामला संज्ञान में है। लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। जिस नंबर की एनओसी दी गई है, उसी में ठेकेदार खनन कर सकते है। किसान की भूमि पर खनन नहीं होगा।