रायबरेली। कोरोना से जंग के बीच लोगों को तीन दिन के लिए ई-पास जारी किए जाने में फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया है। डीएम के स्तर तक पहुंची पास बनवाने के नाम पर वसूली की शिकायतों पर पड़ताल शुरू की गई है।
एक मामला पकड़ में आने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ने कोतवाली में तहरीर देकर एक अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है। अब तक जारी किए गए ई-पासों में खामियां खंगालने का काम शुरू हो गया है।
लॉकडाउन शुरू होते ही सिटी मजिस्ट्रेट को पास जारी करने का काम दिया गया था। बाद में शासन ने ई-पास जारी करने की व्यवस्था की। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को इलाज सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए पास जारी करने के आदेश दिए गए थे।
आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने फर्जी पास बनवाकर आदेशों की अवहेलना कर पास का दुरुपयोग किया। डीएम के स्तर पर पास के नाम पर वसूली की शिकायतें भी पहुंच गई। मामले में डीएम के गंभीर होने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ने पड़ताल शुरू की।
फर्जी पास पकड़ में आने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। कोतवाली प्रभारी सदर अतुल सिंह ने बताया कि एडीएम की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी का पता लगाया जा रहा है।