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किन्नरों के जरिए चल रहा है जॉली नोटों का कारोबार

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रायबरेली। महराजगंज पुलिस को जाली नोट छापने वाले रैकेट को पकड़ने में कामयाबी मिली है। जाली नोटों के कारोबार के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इनको अलग-अलग स्थानों से दबोचा है। मौके से छपे, अधछपे जाली नोट के साथ ही स्कैनर और प्रिंटर भी बरामद किया गया है।
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बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपियों में एक अमेठी तो दूसरा लखनऊ जिले का रहने वाला है, जबकि दो स्थानीय हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस कारोबार में किन्नरों का भी हाथ है, जिनके जरिए यह कारोबार फलफूल रहा है। किन्नर पर हाथ डालने के लिए पुलिस दबिश दे रही है, लेकिन कहां-कहां छापे मारे जा रहे हैं, इसको पूरी तरह से गोपनीय रखे हुए है।
महराजगंज कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र के पूरे रानी मजरे अतरेहटा गांव में एक युवक किराए का मकान लेकर कोई कारोबार कर रहा है। यह युवक संदिग्ध है। इस पर पुलिस ने छापा मारकर युवक को दबोच लिया। यहां से पुलिस को छपे, अधछपे जाली नोट के साथ ही स्कैनर और प्रिंटर मिला।
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यहां पकड़े गए युवक से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीन अन्य स्थानों पर तीन और युवकों को भी हिरासत में लिया। इन सभी के जाली नोट के कारोबार में लिप्त होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि एक आरोपी महराजगंज, दूसरा अमावां, तीसरा अमेठी जिले के फुरसतगंज और चौथा आरोपी लखनऊ जिले के बंथरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
इनके पास से भारी मात्रा में 100 और 50 रुपये के छपे और अधछपे जाली नोट बरामद किए गए हैं। इनके रैकेट की जानकारी सामने आने पर किन्नरों के नाम सामने आए। धंधे में शामिल किन्नर के पकड़े जाने के बाद इस जाली नोट के कारोबार की असलियत सामने आएगी।
सीओ महराजगंज विनीत सिंह और कोतवाल लालचंद्र सरोज का कहना है कि जाली नोट छापने के मामले में कुछ लोगों को पकड़ा गया, लेकिन पूरी पूछताछ के बाद ही इस मामले में और जानकारी सामने आएगी। पूरे प्रकरण की पड़ताल चल रही है।
कई जिलों में जाली नोटों की खपत करने की आशंका
महराजगंज में जाली नोट छापे जाने के मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि जाली नोटों का अवैध कारोबार कई जिलों में फैला है। यानी यहां पर छापे गए नोटों की खपत कई जिलों में की जाती थी।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसमें कुल कितने लोग शामिल हैं और जाली नोट के अवैध कारोबार का सरगना कौन है। पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खाकी खंगाल रही है।
50 रुपये की नोटें एक सीरियल नंबर की
आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में जाली नोटों के छपने का अवैध कारोबार अरसे से चल रहा था, लेकिन पुलिस इन तक नहीं पहुंच पाई थी। मौके से जिन नोटों की बरामदगी की गई, उसमें अधिकतर नोटें 100 और 50 रुपये की हैं। इसमें 50 रुपये की कुछ नोटें एक ही सीरियल नंबर की हैं। एक साथ इन नोटों को देखने से साफ जाहिर हो जाता है कि यह जाली नोट हैं।
आज नामों का खुलासा कर सकती है खाकी
जाली नोटों के छपने के अवैध कारोबार में चार लोगों को हिरासत में लिए गए आरोपियों के नाम का रविवार को पुलिस प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान खुलासा कर सकती है। शनिवार को पुलिस इस अवैध कारोबार के मामले में अधिक जानकारी देने से बचती नजर आई। पुलिस अफसर यही दावा करते रहे कि अभी पड़ताल चल रही है। पूरे मामले की जांच के बाद ही इस कारोबार का विधिवत खुलासा किया जाएगा।
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