धौरहरा गांव में पकड़ी गई पनीर को नष्ट कराते मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
रायबरेली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की टीम ने बुधवार को ऊंचाहार के धौरहरा में पनीर बनाने की फैक्टरी में छापा मारा। जांच में राधा डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स का लाइसेंस एक्पायर्ड मिला, लेकिन धड़ल्ले से पनीर बनाई जा रही थी। जांच में प्रथम दृष्टया पनीर घटिया मिला। इस पर फैक्टरी को बंद करा दिया गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव, एफएसओ कंचनलता तिवारी आदि की टीम ने बुधवार को ऊंचाहार तहसील के धौरहरा रोहनिया स्थित राधा डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स में छापा मारा। वहां वर्षों से बड़े पैमाने पर पनीर का निर्माण किया जा रहा था। तैयार पनीर को गंदे पानी में रखा गया था। बदबू आ रही थी। मक्खियां भी भिनभिना रही थीं। पनीर खाने योग्य नहीं था।
टीम ने मौके पर मिले 150 किलोग्राम पनीर को नष्ट करा दिया। फैक्टरी में करीब 200 लीटर घटिया दूध भी बरामद किया। टीम ने उसे भी नष्ट करा दिया। पनीर व दूध के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। विभाग की ओर से 10 दिन में पनीर बनाने वाली तीन फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
ऊंचाहार एफएसओ की मिलीभगत की आशंका
धौरहरा में संचालित पनीर बनाने की फैक्टरी का लाइसेंस एक्सपायर्ड हो गया था, लेकिन ऊंचाहार के खाद्य सुरक्षा अधिकारी को खबर नहीं थी। इससे उनकी संलिप्तता की आशंका है। बड़े पैमाने पर घटिया पनीर बनाने का कारोबार चल रहा था, लेकिन एफएसओ ने कार्रवाई नहीं की। एफएसओ के कारनामों की कई शिकायतें भी हो चुकी हैं। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया, लेकिन विभाग एफएसओ पर शिकंजा कसने में नाकाम हैं। क्षेत्र में एफएसओ को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
ऐसे पहचानें नकली व मिलावटी पनीर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह का कहना है कि पनीर पर आयोडीन घोल डालते ही रंग नीला होने पर स्टार्च हो सकता है। शुद्ध पनीर नरम, नम और थोड़ा दानेदार होता है। अगर पनीर रबर जैसा लगे या इसमें खट्टी गंध आए तो खराब या नकली हो सकता है। गरम तवे पर पनीर का एक टुकड़ा रखें। शुद्ध पनीर में पानी बहुत कम या बिल्कुल नहीं बचता। नकली पनीर अत्यधिक पानी छोड़ देगा और तेजी से सिकुड़ जाएगा। शुद्ध पनीर में स्वाद होता है। नकली पनीर स्वादहीन या कड़वा लग सकता है।