रायबरेली। शासन से सख्त आदेश के बाद भी ग्राम सभाओं में तैनात पंचायत सहायक ऑनलाइन हाजिरी नहीं भर रहे हैं। समीक्षा में 52 गांवों में मनमानी पकड़ में आने के बाद पंचायत सहायकों का मानदेय रोक दिया है। संबंधित ग्राम सभाओं के पंचायत सचिवों से डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने जवाब मांगा है।
शासन की मंशा है कि पंचायत सहायक अपनी ग्राम सभा में बने पंचायत भवनों में बैठकर ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। पंचायत सहायकों को रोजाना आनलाइन हाजिरी भी भरनी है। इसी के आधार पर उन्हें मानदेय मिलेगा। डीपीआरओ ने इसकी समीक्षा की तो जगतपुर ब्लॉक के हथकुई, कल्याणपुर सुरजई, कुसुमी, मखदूमपुर, मनिहरशर्की, नसीरनपुर, सुदामापुर, अमावां ब्लॉक के दुंदनगर, श्रपामऊ, संदीराम, सरेनी ब्लॉक के उसरू, भोजपरु, चहोतर समेत 52 ग्राम पंचायतों में स्थिति बेहद खराब मिली। 40 ग्राम सभाओं के पंचायत सचिवों ने जून माह में एक भी दिन ऑनलाइन हाजिरी नहीं भरी।
जन सुविधा केंद्र पर काम भी नहीं किया। 12 ग्राम पंचायतों में सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित पंचायत सहायकों का मानदेय रोक दिया गया है। इस संबंध में पंचायत सचिवों से भी जवाब मांगा गया है।