रायबरेली। जिला अस्पताल में शनिवार सुबह दो मरीजों को एक्सपायरी दवा (मैनीटॉल इंट्रावेनस इंफ्यूजन) चढ़ा दी गई। इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। जिन दो मरीजों को एक्सपायरी दवा चढ़ाई गई है, उन्हें एम्स रेफर कर दिया गया है।
ग्राम कोटवारमऊ फुरसतगंत अमेठी निवासी अमित कुमार वर्मा ने बताया कि उनके चाचा देवेंद्र कुमार को शुक्रवार रात को पैरालिसिस अटैक पड़ा। इस पर वह अपने चाचा को लेकर फुरसतगंज सीएचसी पहुंचे। वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात करीब दो बजे वह अपने चाचा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां इमरजेंसी में भर्ती किया गया।
इसके बाद चिकित्सक ने सीटी स्कैन कराने को कहा। इस पर वह बाहर से सीटी स्कैन करा कर लाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में नए लड़के हैं, जिन्हें वीगो तक लगाना नहीं आता है। इन लोगों ने सुबह छह बजे उनके बीमार चाचा को एक्सपायरी दवा चढ़ा दी। इसके बाद उनके चाचा की स्थिति और खराब हो गई। कोई भी अधिकारी चाचा को देखने तक नहीं आया।
वहीं, खीरों निवासी अंजू को पैरालिसिस अटैक के कारण इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। उनकी तीमारदार आशा देवी ने बताया कि एक्सपायरी दवा चढ़ाने से उनकी हालत और खराब हो गई है। मामले की जानकारी जैसे ही जिला अस्पताल के प्रबंधतंत्र को हुई तो दवा की पैकिंग को देखा गया। पता लगा कि बीती मार्च को ही एक्सपायर हो गई थी। दोनों मरीजों को एम्स रेफर कर दिया गया। सूत्र के मुताबिक एक स्टॉफ नर्स को हटाया गया है। सेंट्रल स्टोर के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में सुबह यह घटना हुई। वायरल वीडियो से पता लगा कि एक्सपायरी दवा चढ़ाई गई। सेंट्रल स्टोर में मैनीटॉल दवा नवंबर 2025 में आई थी। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल
सेंट्रल स्टोर से ही जिला अस्पताल में दवा जारी होती है। सवाल यह है कि सेंट्रल स्टोर के जिम्मेदारों ने कैसे नहीं देखा कि मैनीटॉल दवा एक्सपायर हो चुकी है। इससे साफ है कि बिना पड़ताल के दवा दी जा रही है।
मैनीटॉल इंट्रावेनस इंफ्यूजन का प्रयोग
फीजीशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी ने बताया कि मैनीटॉल इंट्रावेनस इंफ्यूजन एक ऑस्मोटिक मूत्रवर्धक दवा है, जो शरीर से अतिरिक्त पानी और तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करती है। यह दवा मुख्य रूप से मस्तिष्क की सूजन (सेरेब्रल एडिमा), आंखों के दबाव (ग्लूकोमा), और किडनी की समस्याओं के इलाज के लिए दी जाती है। इस दवा का काम मस्तिष्क की सूजन कम करना, सिर की चोट या सर्जरी के बाद मस्तिष्क में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर खींचकर इंट्राक्रैनियल दबाव और सेरेब्रल एडिमा को कम करना है। यह दवा किडनी की कार्यप्रणाली में सुधार करती है।