रायबरेली। सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 और सहायक वन संरक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा 2020-21 रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कराई गई।
दो पालियों में सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक और दोपहर 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक जिले के सभी 34 परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती रही, जबकि 11 सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ ही प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भी भ्रमण किया।
जिले में परीक्षा के लिए बने 15 केंद्रों पर 480-480 अभ्यर्थी तो 19 केंद्रों पर 384-384 अभ्यर्थी आवंटित किए गए। यानी कि जिले में कुल 14496 अभ्यर्थी आवंटित थे।
दोनों पालियो में 6884 बच्चे गैरहाजिर रहे। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। गेट पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल मुस्तैद रहा।
सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया तो अधिकारियों ने भी निरीक्षण कर व्यवस्था देखी। एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से कराई गई।
अभ्यर्थियों के चेहरों पर झलकी खुशी
परीक्षा छूटने के बाद ज्यादातर अभ्यर्थियों के चेहरों पर खुशी झलकी। नीरज प्रजापति और श्वेता सिंह ने कहा कि पेपर काफी अच्छा रहा। परीक्षा को लेकर तैयारी की थी, जिससे सवालों को हल करने में कोई मुश्किल नहीं आई। अनिल मौर्या और कल्पना ने कहा कि परीक्षा हो गई है।
उम्मीद है कि रिजल्ट बेहतर आएगा। पेपर में कुछ सवालों ने उलझाया तो उन्हें आखिर में हल किया, ताकि ज्यादा से ज्यादा सवाल हल कर सकें। रज्जन कुमार और कल्पना कुमारी ने कहा कि परीक्षा हो गई है। अब रिजल्ट का इंतजार रहेगा। सवाल मुश्किल जरूर थे, लेकिन पहले से तैयारी होने के कारण पेपर हल करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई।
परीक्षा छूटी तो सड़क पर लगता रहा जाम
परीक्षा केंद्रों के बाहर दोपहिया वाहनों का जमावड़ा रहा। परीक्षा छूटी तो अभ्यर्थियों की भीड़ और वाहनों के निकालने के चक्कर में सड़क पर जाम जैसी स्थिति रही। सबसे ज्यादा खराब हालत बस स्टेशन चौराहा और अस्पताल चौराहा की रही। इन दोनों चौराहों के आसपास कई परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसी तरह शहर में बनाए गए ज्यादातर केंद्रों के इर्द-गिर्द परीक्षा छूटने पर अभ्यर्थियों की भीड़ के कारण जाम नजर आया।