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अमन और भाईचारा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी

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रायबरेली। मुस्लिम उलेमाओं और विद्वानों ने फैसले का सम्मान करते हुए आपसी सौहार्द और अमन का माहौल कायम रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना सोचे-समझे कोई कदम न उठाएं।
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माहौल खराब करने वालों से होशियार रहें। हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस मुल्क की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान न पहुंचने दें। हम कल भी एक थे, आज भी एक हैं और कल भी एक रहेंगे। हमारे बीच भाईचारा और मोहब्बत का जो रिश्ता है, वह बना रहना चाहिए।
शहर काजी सुहैल अख्तर ने कहा कि एक जिम्मेदार शहरी की हैसियत से हिंदुस्तान का हर मुसलमान सबसे बड़ी अदालत के दिए गए फैसले का खैर मकदम करेगा। किसी भी तरह की अफवाहों को रद्द करेगा।
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मुल्क की तरक्की व सलामती के लिए नाजायज हरकतों के बारे में अफसरों को अवगत कराएगा। इदारा-ए-शरैया के नाजिमेआला मौलाना अरबीउल अशरफ ने कहा कि हम फैसले का सम्मान करते हैं।
हमें अपनी तहजीब और भाईचारे को बनाए रखना है। अपनी जिम्मेदारी को समझें और सौहार्द बनाए रखें। इस्लामी काउंसिल के सदर गुलाम रसूल ने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि आपसी भाईचारा, सौहार्द और अमन बनाए रखें।
अफवाहों पर ध्यान न दें। अराजकता फैलाने वालों से सतर्क रहें। आल इंडिया उमला एंड मशाइख बोर्ड के जिला सदर हाफिज मो. मोबीन ने कहा कि हम फैसले का सम्मान करते हैं। जिले वासियों से भी गुजारिश करते हैं कि पूरी तरह से अमन और शांति कायम रखें।
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