रायबरेली। शासन से बजट मिलने के बाद भी उसे खर्च करने में लापरवाही बरती जा रही है। जिले की करीब 300 ग्राम पंचायतों में पांच लाख रुपये तक डंप है। तमाम निर्देशों के बाद भी धनराशि खर्च नहीं की जा रही है। समीक्षा में मनमानी उजागर होने के बाद सीडीओ ने सबसे ज्यादा लापरवाही बरतने वाली ग्राम पंचायतों के सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए राज्यवित्त एवं 15वें वित्त से शासन से सीधे बजट मुहैया कराया जाता है। ग्राम पंचायतों को कार्ययोजना तैयार करके विकास कार्य कराना होता है, लेकिन पंचायत सचिवों की लापरवाही के कारण ग्राम पंचायतों में काम प्रभावित हैं। ऊंचाहार, अमावां, बछरावां, हरचंदपुर सहित कई ब्लॉकों में बजट खर्च करने में सबसे ज्यादा लापरवाही बरती जा रही है।
सीडीओ की समीक्षा में जिले की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में एक लाख से पांच लाख रुपये तक डंप हैं। मनमानी पकड़ में आने के बाद संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सबसे खराब प्रगति वाली 45 से अधिक ग्राम पंचायतों के सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीपीआरओ सौम्यशील सिंह का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करके जिला विकास अधिकारी को दी गई है। सीडीओ के स्तर से मामले में कार्रवाई की जाएगी।