रायबरेली। बैंक अधिकारी जय प्रकाश पाल की हत्या के 10 दिन बीतने के बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
जबकि पुलिस की आठ टीमें उसकी धरपकड़ के लिए प्रयास कर रही हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्य साजिशकर्ता ने अपने मोबाइल का प्रयोग करना बंद कर दिया है।
इससे उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले उसकी लोकेशन लखनऊ पता चला थी, लेकिन इसके बाद उसने ठिकाना बदल लिया।
कानपुर जिले के चकेरी थाना क्षेत्र के भवानी नगर देहली सुजानपुर गांव निवासी जयप्रकाश पाल बैंक ऑफ बड़ौदा की डीह शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर तैनात थे।
11 जनवरी की रात उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के खुलासे के लिए पुलिस पिछले कई दिनों से हाथ-पैर मार रही है लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल सकी है।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य साजिशकर्ता और दो शूटर शामिल हैं। शूटरों तक पुलिस पहुंच गई है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता अब तक पकड़ में नहीं आ सका है।
एसओजी समेत आठ पुलिस टीमें दिन रात एक करके साजिशकर्ता तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है।
माना जा रहा है कि मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद ही इस हत्याकांड से पर्दाफाश हो सकेगा। उधर, एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि आठ पुलिस टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगी हैं। जल्द वारदात का खुलासा किया जाएगा।