रायबरेली। पुणे से आए दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर सर्दी-जुकाम होने पर शुक्रवार सुबह कोरोना की आशंका जताते हुए जांच कराने के लिए पहुंचे। इससे जिला अस्पताल में अफरातफरी मच गई। डॉ. बीरबल और डॉ. एमके शर्मा ने अलग-अलग दोनों ही युवकों की जांच की। दोनों में कोरोना के लक्षण नहीं मिलने पर जुकाम-बुखार की दवा देकर उनको घर भेज दिया गया है।
विदेश से आने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। तीन और नए लोग बाहर से आए हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल का कहना है कि होली और मौसम में बदलाव के कारण जुकाम-बुखार स्वाभाविक है। जुकाम-बुखार होने से ही कोरोना वायरस की आशंका करना उचित नहीं है। लोग घबराएं नहीं और अफवाह से बचें। कोरोना वायरस के मरीज के संपर्क में आने या फिर प्रभावित देशों से वापस होने के बाद जुकाम-बुखार व सांस लेने में समस्या हो तो जांच जरूर कराएं।