रायबरेली। सिविल इंजीनियर अभिषेक यादव को जहर देकर मारा गया था। वारदात को इंजीनियर के दूर के रिश्तेदार ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। महराजगंज पुलिस ने बृहस्पतिवार को वारदात का पर्दाफाश करते हुए चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
मिल एरिया थाना क्षेत्र के आईटीआई कॉलोनी की रहने वाली संगीता यादव के मुताबिक उनका इकलौता बेटा अभिषेक जेपीसीआई इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में सिविल इंजीनियर के पद पर तैनात था। उनकी फुफेरी बहन के बेटे दिलीप यादव का घर आना-जाना था। यह बात अभिषेक को नापसंद थी। दिलीप गलत लोगों से संबंध बनाने और उन्हें पैसे देने का दबाव अभिषेक पर बनाया था।
महिला के मुताबिक 27 जून 2025 को दिलीप उनके बेटे अभिषेक को कार से अपने साथ ले गया था। 28 जून को अभिषेक बेहोशी अवस्था में मिला था। बेटे को एम्स पहुंचाया था, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। महराजगंज कोतवाली जगदीश यादव के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंजीनियर की मौत की सही वजह सामने नहीं आई थी। बिसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया था।
बिसरा रिपोर्ट में जहर देकर इंजीनियर की मौत की बात सामने आई थी। इस पर मृतक अभिषेक की मां संगीता की तहरीर पर मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के जलालपुुर गांव निवासी दिलीप यादव, मिल एरिया थाना क्षेत्र के सलेमपुर सींकी निवासी पंकज यादव, छेदी का पुरवा शशिकेश, अमेठी जिले के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के भावा का पुरवा निवासी राजेश यादव को पकड़ कर जेल भेजा गया है।