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Raebareli News: बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, कम होगी लखनऊ से दूरी

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शहर का विहंगम दृश्य। - फोटो : शहर का विहंगम दृश्य।
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रायबरेली। स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) में शामिल रायबरेली में मेट्रो सिटी जैसी सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। जिले की 989 ग्राम पंचायत, 1574 गांवों, 155 न्याय पंचायत, एक नगर पालिका, नौ नगर पंचायतों के विकास को गति मिलेगी। आवासीय और औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने के साथ एक जिला एक उत्पाद के तहत वुडेन वर्क से जुड़ी फैक्टरियां भी बढ़ेंगी। खासकर लखनऊ से जिले की दूरी कम हो जाएगी। ऐसे में जिले में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। लखनऊ-रायबरेली रोड के छह लेन हाेने से कम समय में लोग लखनऊ पहुंच सकेंगे। जिले को मेट्रो सेवा से भी जोड़ा जाएगा।
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एससीआर में करीब 250 किलोमीटर की बनने वाली रिंग रोड जिले को भी जोड़ेगी। हालांकि, शहर में दाेनों ओर रिंग रोड बनाने का काम पहले से ही चल रहा है। रायबरेली व लखनऊ के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम लागू होने से यात्रा और सुगम होगी। जिले में फ्लाइंग स्कूल और छोटा हवाई अड्डा प्रस्तावित है। मॉडर्न रेल कोच फैक्टरी और इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज पहले से मौजूद हैं। एससीआर के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग के लिए नए औद्योगिक पार्क और स्मार्ट क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव है। शॉपिंग मॉल, कार्यालय परिसर और मल्टीप्लेक्स का निर्माण होगा। छोटे-बड़े उद्योगाें को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। जिले की 34 लाख आबादी के लिए सुनियोजित विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा। रियल स्टेट, डेटा सेंटर, होटल, लाजिस्टिक और सर्विस सेक्टर में कई बड़ी कंपनियां आ सकती हैं।
1230 करोड़ की लागत के उद्यमों में 7500 को मिला रोजगार


पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पांच हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए थे। इनमें 1230 करोड़ के 117 उद्यम लगाने का काम पूरा भी हो चुका है। कई बडे़ उद्योग जिले में स्थापित होने वाले हैं, जिसके माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। दो साल में नए उद्योगों के स्थापित होने के बाद सीधे तौर पर जिले के 7500 लोगों को रोजगार मिल चुका है।
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18 ब्लॉकों में स्थायी हेलीपैड के लिए ढूंढ रहे जमीन
एससीआर में जिले को शामिल किए जाने के बाद कई काम अब से ही शुरू हो गए। सभी 18 ब्लाकों में स्थायी हेलीपैड स्थापित कराने का काम शुरू किया गया है। इसके लिए कुछ ब्लॉकों में जमीन भी मिल चुकी है। कुछ ब्लॉकों में जमीन की तलाश की जा रही है। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे भी जिले से निकला है। जिले में कई स्थानों से वे से उतरने और चढ़ने की व्यवस्था की गई है। ऊंचाहार तहसील में औद्योगिक गलियारा का भी प्रस्ताव है। ऐसा होने के बाद लोगाें को रोजगार का बड़ा मौका मिल सकेगा।
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