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इलेक्ट्रिक इंजन से 100 किमी. की रफ्तार से दौड़ाई गाड़ी

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रायबरेली/ऊंचाहार। ऊंचाहार-उन्नाव रेल खंड पर शुक्रवार की रात निरीक्षण पर आए मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) एसके पाठक ने अपनी पूरी टीम के साथ हाई स्पीड ट्रायल लिया, जिसके तहत इलेक्ट्रिक इंजन को 100 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया।
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इलेक्ट्रिक इंजन के साथ अफसरों की इस गाड़ी ने नॉन-स्टॉप फर्राटा भरते हुए लगभग 112 किमी. की दूरी एक घंटे 25 मिनट में पूरा की। सीसीआरएस ने कहा कि सब कुछ ठीक रहा। विद्युतीकरण का काम भी आला दर्जे का हुआ है। उनके यह कहने से साफ जाहिर है कि इस रेल मार्ग के विद्युतीकरण को हरी झंडी मिल गई है।
यह बात अलग है कि स्पीड ट्रायल के लिए आए इंजन ने जवाब दे दिया, जिससे दूसरा इंजन लगाना पड़ा। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही इस रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। कानपुर-प्रयागराज की दूसरी कई गाड़ियां भी इस रूट पर दौड़ाई जाएंगी।
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उन्नाव-ऊंचाहार रेल खंड में हाल ही में विद्युतीकरण कार्य पूरा कराया गया है। प्राथमिक तौर पर ट्रायल लेने के बाद विद्युतीकरण को हरी झंडी लेने के लिए सीसीआरएस का निरीक्षण जरूरी था। इसीलिए शुक्रवार को दोपहर में सीसीआरएस ने उन्नाव रेलवे स्टेशन से निरीक्षण की शुरुआत की।
उन्नाव के प्रमुख स्टेशनों का निरीक्षण करते हुए वह इस जिले के लालगंज, डलमऊ और ऊंचाहार का जायजा लिया। रास्ते में बनाए गए पांच सब सेक्शनिंग पोस्ट और दो सेक्शन पोस्ट देखे। देर शाम ऊंचाहार पहुंचे सीसीआरएस ने स्पीड ट्रायल लेने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा था कि इलेक्ट्रिक वर्क आला दर्जे का हुआ है।
अब तक के निरीक्षण में सब कुछ ठीक मिला है। इससे हाई स्पीड ट्रायल में भी सब कुछ अच्छा ही होगा। कुछ छोटी-छोटी दिक्कतें जरूर हैं, जिन्हें दूर कर लिया जाएगा। सीसीआरएस ने कार्यदायी संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों और उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सभी प्रमुख अधिकारियों की टीम के साथ ऊंचाहार रेलवे स्टेशन से हाईस्पीड ट्रायल शुरू किया।
अपनी विशेष गाड़ी में इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर रात 8.30 बजे फर्राटा भरा। नॉन-स्टाप गाड़ी दौड़ते हुए लगभग 112 किमी. का सफर एक घंटा 25 मिनट में पूरा किया। यह गाड़ी रात 9.55 बजे उन्नाव रेलवे स्टेशन पहुंच गई। ट्रेन को अधिकतम 100 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया।
सीसीआरएस ने कहा कि अब इस रूट पर डीजल इंजन कम हो जाएंगे और ज्यादातर गाड़ियां इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेंगी। साथ चल रहे मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी ने भी कहा कि रेल खंड के विद्युतीकरण से यात्री सुविधाओं में नए अध्याय का सूत्रपात होगा। रेल यातायात एवं संचालन अधिक सुगम हो सकेगा।
दोहरीकरण की अभी कोई योजना नहीं, गाड़ियां बढ़ेंगी
ऊंचाहार-उन्नाव रेल लाइन के दोहरीकरण पर सीसीआरएस बोले कि अभी ऐसी कोई योजना नहीं है। ट्रैफिक लोड इतना नहीं है कि दूसरी लाइन की जरूरत पड़े। ऐसी कोई जरूरत अभी नहीं महसूस हो रही है। विद्युतीकरण होने से इतना जरूर है कि इस रूट पर कई गाड़ियां बढ़ेंगी।
कानपुर-प्रयागराज रूट काफी व्यस्त रहता है, जिससे उस रूट की कई गाड़ियां उन्नाव-ऊंचाहार होते हुए चलाई जाएंगी। ऐसे में कानपुर-प्रयागराज के बीच चलने वाली गाड़ियां इस रूट पर बढ़ेंगी।
कपलिंग हो गई जाम तो मंगाया दूसरा इंजन
विद्युतीकरण का हाई स्पीड ट्रायल लेने के लिए लखनऊ से मंगाकर जिस इलेक्ट्रिक इंजन को ऊंचाहार स्टेशन पर खड़ा रखा गया था, वह ऐन वक्त पर जवाब दे गया। निरीक्षण करते हुए देर शाम ऊंचाहार पहुंचे सीसीआरएस ने जब हाई स्पीड ट्रायल लेना चाहा तो इलेक्ट्रिक इंजन में तकनीकी फाल्ट आ गई।
बताया गया कि कपलिंग जाम हो गई है। काफी प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली, जिससे अफसरों के हाथ-पैर फूलने लगे। सजे-धजे इस इंजन को वहीं रोक दिया गया। एनटीपीसी परियोजना में मालगाड़ी लेकर आए इलेक्ट्रिक इंजन को मंगाया गया, जिससे हाई स्पीड ट्रायल लिया गया।
इस वजह से करीब एक घंटे की देरी से ट्रायल शुरू हो सका। ऊंचाहार के स्टेशन अधीक्षक रामसुमेर यादव का कहना है कि इंजन में कुछ खराबी जरूर आई थी, लेकिन तुरंत ही दूसरे इंजन का इंतजाम हो गया।
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