खीरो थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक किसान ने पेड़ से फांसी लगा जान
दे दी। मृतक के बेटे ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बड़ौदा उत्तर प्रदेश
ग्रामीण बैंक से पत्र मिलने के बाद पिता ने खुदकुशी कर ली।
उधर, बैंक के
शाखा प्रबंधक आरएस चौधरी का कहना है कि किसान को ऋण वसूली की कोई नोटिस
नहीं भेजी गई है। उसे ऋण देने के बाद धन्यवाद पत्र भेजा गया।
जानकी दीक्षितखेड़ा मजरे हरदी निवासी विद्यानाथ पासी (70) सुबह घर के बाहर
गया और वहां पेड़ से गमछे के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। ग्रामीण जब
खेतों की तरफ गए तो उन्हें घटना की जानकारी हुई।
मृतक के बेटे राजेश ने
पुलिस को तहरीर में बताया कि उसकी चार बीघे जमीन है। पिता ने बड़ौदा उत्तर
प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा खीरों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। इसी
कार्ड पर उन्होंने बैंक से 30 दिसंबर 2014 को एक लाख दो हजार का लोन लिया
था।
बैंक से 20 मई 2015 को डाक के माध्यम से पत्र भेजा गया था, जो 21 जून
को पिता को मिला था। इसके बाद से वह तनाव में आ गए और सुबह फांसी लगा ली।
एसओ आरके शर्मा का कहना है कि कर्ज में डूबने से किसान के खुदकुशी करने की
तहरीर दी गई है। घटना की जांच की जा रही है।