रायबरेली। रामजानकी मंदिर से चोरी की गई अष्टधातु की तीन मूर्तियों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को बरामद करते हुए कथित पत्रकार समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। डलमऊ इलाके के रामपुर बरारा गांव स्थित रामजानकी मंदिर से 13 दिसंबर रात चोरों ने राम, लक्ष्मण और सीता की करीब 12 करोड़ कीमत की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी की थी।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ.यशवीर सिंह ने बताया कि अष्टधातु चोरी के मामले में डीह थाना क्षेत्र के कल्लू मिश्र का पुरवा मजरे पोठई गांव निवासी आयुष त्रिवेदी, रायबरेली शहर के फिरोज गांधी कॉलोनी निवासी शिवांक उर्फ शिवा, गदागंज थाना क्षेत्र के बीबा नहर निवासी तथाकथित पत्रकार अमन यादव, भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे माधव बक्श मजरे चकबल्लीहार निवासी अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर तीनों मूर्तियों के अलावा घटना में प्रयुक्त दो बाइकें बरामद की गई हैं।
एसपी ने बताया कि जांच में पता चला कि अमन यादव के मतौलीपुर स्थित मुर्गी फार्म के पीछे गड्ढा खोदकर मूर्तियां दबा दी गई थी। सभी आरोपियों में तय हुआ था कि मामला शांत होने पर मूर्तियों की बिक्री कर ली जाएगी। एएसपी ने बताया कि मूर्तियां बरामदगी में सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी, गदागंज थाना प्रभारी दयानंद तिवारी के अलावा डलमऊ पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम का सहयोग रहा।
गुजरात प्रांत में मूर्तियां बेचने के फिराक में थे आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रामपुर बरारा में स्थित मंदिर में 200 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां रखे होने की जानकारी मिली थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूर्तियों की कीमत अधिक है, जिनकी मांग गुजरात ज्यादा है। ऐसे में हम लोग मूर्तियां चोरी करके उन्हें गुजरात में बिक्री करने के फिराक में थे। नौ दिसंबर को मंदिर की रेकी की थी और फिर 16 दिसंबर रात चोरी की घटना को अंजाम दिया था। हालांकि मुखबिरों की सूचना और सर्विलांस के जरिए चोरों को पकड़ा गया। उधर, मंदिर के पुजारी राजाराम वाजपेयी ने मूर्तियां बरामद होने पर पुलिस के प्रति आभार जताया है।