पशुपालन विभाग के अपर निदेशक लखनऊ मंडल डॉ. राजेश बाबू वार्ष्णेय ने शुक्रवार को यहां पहुंचकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान डॉक्टरों का कार्य ठीक न पाए जाने पर उन्हें जमकर फटकार लगाई। लापरवाही बरतने वाले आठ पशु चिकित्सालयों के डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
दोपहर बाद यहां पहुंचे अपर निदेशक ने डिग्री कॉलेज स्थित सदर पशु चिकित्सालय में विभागीय अधिकारियों और समस्त पशु चिकित्सालयों के डॉक्टरों के साथ बैठक करके कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने एक-एक करके सभी डॉक्टरों से क्या-क्या कार्य हुए, इसकी जानकारी ली। पशुओं में टीकाकरण और पशुपालन विभाग की योजनाओं की प्रगति जानी। अपर निदेशक ने कहा कि किसानों को विभाग की सभी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके चौधरी ने बताया कि कामकाज में लापरवाही बरतने वाले डलमऊ, हरचंदपुर, दीनशाहगौरा, सदर, छतोह, ऊंचाहार, महराजगंज, सलोन पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों से एडी ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
तीन दिन के अंदर सभी से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।