रायबरेली। जिले में कक्षा एक से आठ तक में पढ़ने वाले 2.97 हजार बच्चों को अभी पाठ्य पुस्तकें मिलने में समय लग सकता है। वजह यह कि किताबों की आपूर्ति बहुत धीमी रफ्तार से हो रही है। दो चरणों में हुई आपूर्ति में लगभग 1.38 लाख किताबें ही मिली हैं। यह किताबें भी महज कक्षा आठ की हैं। बाकी कक्षाओं की एक भी किताब नहीं आई है।
जिले में दो लाख 97 हजार 169 छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें बांटी जानी हैं। इसके लिए 20 लाख 22 हजार 715 किताबों की जरूरत है। विद्यालय एक जुलाई से खुल गए हैं, जहां बच्चों को उपस्थित होने की अनुमति नहीं है।
अध्यापकों को विद्यालय में उपस्थित रहने और प्रशासनिक कार्य समेत अन्य जरूरी कामकाज पूरे करने के लिए कहा गया है। इनमें पाठ्य पुस्तक वितरण का कार्य भी शामिल है। अभी किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंची है, जिससे बच्चों को किताबें बांटने का काम शुरू नहीं हो सका है।
पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति 2 जुलाई से शुरू हुई। पहले चरण में कक्षा आठ की हिंदी और विज्ञान की 55723 किताबें आई थीं। दूसरे चरण में गत दिवस आई किताबों की संख्या 83147 है। इसमें कक्षा आठ की अंग्रेजी, विज्ञान और संस्कृत की किताबें शामिल हैं।
इस तरह जिले को 20.22 लाख किताबों के सापेक्ष 1.38 लाख किताबें ही मिली हैं। जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) संजीव गुप्ता ने बताया कि अब तक मिली किताबों को सुरक्षित रखवा दिया गया है। बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि पाठ्य पुस्तकों का वितरण जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।