रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौ जुलाई से मरीजों को भर्ती कर इलाज की सुविधा शुरू हो जाएगी। एक साथ एम्स में 200 मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा।
इसके अलावा 100 बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को एम्स के निदेशक हॉस्पिटल का शुभारंभ कराएंगे।
शहर से सटे दरियापुर स्थित एम्स में 1400 छात्रों की क्षमता के छात्रावास व स्टाफ के लिए आवास के साथ ही करीब 278 करोड़ की लागत से 600 बेड के एम्स हॉस्पिटल (चिकित्सीय परिसर) का काम भी पूरा हो चुका है।
पिछले साल जुलाई में मेडिकल कॉलेज और 100 बेड के हॉस्पिटल को शुरू करना था, लेकिन कोरोना के कारण एक साल लेट हो गए। मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद नौ जुलाई से मरीजों को भर्ती करके इलाज की सुविधा शुरू होने वाली है।
एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि मरीजों को भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के लिए 200 बेडों की व्यवस्था की गई है।
कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए भी अलग से 100 बेड होंगे। इसमें आईसीयू व अन्य सुविधाएं भी शामिल रहेंगी। शुक्रवार की सुबह 10 बजे एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी हॉस्पिटल का शुभारंभ करेंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
माइनर सर्जरी होगी, सीरियस सर्जरी डेढ़ माह बाद
एम्स में नॉन इमरजेंसी मरीजों को तो नौ जुलाई से भर्ती किया जा सकेगा और माइनर सर्जरी की सुविधा भी मुहैया होगी, लेकिन सीरियस सर्जरी डेढ़ महीने बाद ही शुरू हो सकेगी।
एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर तैयार है। सर्जरी के लिए संसाधनों को मंगवाया गया है। जल्द ही संसाधनों के आते ही सीरियस मामलों में सर्जरी शुरू कराई जाएगी।
मरीज व अटेंडेंट की कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट जरूरी
एम्स में भर्ती होने से पहले मरीज की कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव होनी जरूरी है। बिना निगेटिव रिपोर्ट के भर्ती नहीं किया जाएगा। चाहे वह पहले से जांच करवाकर आए या एम्स में ही कोरोना की जांच करवा सकता है। मरीज के साथ एक अटेंडेंट को रहने की अनुमति होगी। उसकी कोरोना की रिपोर्ट भी निगेटिव होनी जरूरी है।
एम्स में 200 बेड का अस्पताल शुरू करने के लिए तैयारियां पूरी करवा दी गई है। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए भी 100 बेड आरक्षित किए गए हैं। नौ जुलाई से अस्पताल शुरू हो जाएगा। सीरियस केसों की सर्जरी बाद में शुरू कराई जाएगी।
प्रो. आरविंद राजवंशी, निदेशक एम्स