रायबरेली। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीबों के बच्चों का निजी अस्पतालों में दाखिला करवाकर मुफ्त शिक्षा दिलवाने की व्यवस्था के तहत मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग में लॉटरी की गई।
आवेदन करने वाले 271 बच्चे दाखिले से वंचित रह गए, क्योंकि जिन स्कूलों में दाखिले का विकल्प दिया था, वह स्कूल पहले ही फुल हो गए। लॉटरी में 204 बच्चों को निजी अस्पताल आवंटित किया गया।
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब परिवार के बच्चे के दाखिले की व्यवस्था की गई है।
योजना के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद लॉटरी के माध्यम से स्कूलों का आवंटन किया जाता है। द्वितीय लॉटरी के लिए 486 गरीब परिवारों ने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किए थे। जांच में 11 आवेदन निरस्त कर दिए गए थे।
बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को लॉटरी के माध्यम से 475 गरीबों के बच्चों में निजी स्कूलों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी की गई। 204 बच्चों में स्कूलों का आवंटन किया गया है।
271 बच्चों में स्कूलों का आवंटन नहीं हो सका है, क्योंकि आवेदन में जिन स्कूलों का विकल्प दिया था, उन स्कूलों में 25 प्रतिशत का लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि स्कूलों के खुलने के बाद संबंधित बच्चों का आवंटित स्कूलों में दाखिला होने के साथ ही मुफ्त शिक्षा का लाभ मिलेगा।