डीएसओ और निलंबित आपूर्ति निरीक्षक के खिलाफ जांच करने आए लखनऊ मंडल खाद्य सहायक आयुक्त के सामने गुुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। जांच के दौरान ही महिला आपूर्ति निरीक्षक से कोटेदारों की तू-तू मैं-मैं हो गई।
महिला आपूर्ति निरीक्षक ने कोटेदारों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर अभद्रता करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं कोटेदारों ने निलंबित आपूर्ति निरीक्षक पर वसूली का आरोप लगाया है। कोतवाल कमलेश पांडेय का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ मंडल खाद्य सहायक आयुक्त दिलीप कुमार गुप्ता गुरुवार को डीएसओ कार्यालय पहुंचे। यहां पर डीएसओ वीआर अहिरवार पर अभद्र व्यवहार करने और निलंबित आपूर्ति निरीक्षक चंदा गुप्ता पर वसूली के आरोपों की जांच करनी शुरू की।
आपूर्ति निरीक्षक के साथ कोटेदारों के बयान दर्ज किए। इसी दौरान कार्यालय बाहर खड़ी आपूर्ति निरीक्षक और कोटेदारों में किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। आपूर्ति निरीक्षक का आरोप है कि कुछ कोटेदारों ने अभद्रता करते हुए धक्का दे दिया।
साथ ही जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने खाद्य सहायक आयुक्त को इसकी सूचना दी और कोटेदारों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। वहीं दूसरे पक्ष से राही ब्लॉक के सीकी सलीमपुर कोटेदार आरपी सिंह ने आपूर्ति निरीक्षक पर वसूली का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।
खाद्य सहायक आयुक्त, मंडल लखनऊ दिलीप कुमार गुप्ता ने बताया कि आपूर्ति निरीक्षक ने डीएसओ पर गलत आचरण और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इसमें डीएसओ को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
इसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी। वहीं निलंबित आपूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कोटेदारों के बयान दर्ज किए गए है। साथ ही आपूर्ति निरीक्षक के साथ अभद्र व्यवहार के प्रकरण में डीएसओ को तीन कोटेदारों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने कहा कि आपूर्ति निरीक्षक की ओर से जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह झूठे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए ऐसा किया गया है। इस संबंध में पहले ही सूचना उच्चाधिकारियों को दे चुका हूं। कार्यालय परिसर में हंगामा करने की जांच की जाएगी।