सरेनी (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में मंगलवार को वसंत पंचमी पर गंगा नहाने गए दो दोस्त डूब गए। इस बीच एक किशोर को तो बचा लिया गया, जबकि उसका साथी गहरे पानी में चला गया। जानकारी होते ही लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
उधर, नदी में डूबे किशोर की खोजबीन के लिए एनडीआरएफ टीम को बुलाने की मांग को लेकर लोगों ने रायबरेली-फतेहपुर मार्ग जाम कर दिया। इससे आवागमन प्रभावित हो गया। अफसरों ने पहुंचकर एनडीआरएफ टीम से खोजबीन कराने का भरोसा देकर किसी तरह लोगों को शांत कराया।
सरेनी थाना क्षेत्र के सरायं बैरियाखेड़ा गांव निवासी जयशंकर त्रिवेदी का बेटा आशीष गांव के रहने वाले अपने दोस्त अंकित, सुमित, अमित के साथ विकास घाट पर गंगा नहाने गया था। चारों घाट के किनारे कपड़े उतारकर गंगा नहाने लगे।
इसी बीच आशीष और अमित नदी में डूबने लगे। शोरगुल पर आसपास के लोगों ने पहुंचकर अमित को बचा लिया, लेकिन आशीष गहरे पानी में समा गया। सूचना पर गेगासो चौकी इंचार्ज हरिमोहन सिंह पुलिस बल के साथ घाट पर पहुंचे और गोताखोरों को बुलाकर जाल डलवाया।
इस बीच अग्निशमन कर्मी भी पहुंच गए और नदी में किशोर की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। लोगों ने पुलिस से एनडीआरएफ टीम को बुलाने का अनुरोध किया। चार घंटे बाद भी एनडीआरएफ की टीम नहीं पहुंची तो नाराज परिवारीजनों ने रायबरेली-फतेहपुर मार्ग को जाम कर दिया। नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करने लगे। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
इस बीच तहसीलदार लालगंज रिचा सिंह, क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी, थानेदार अनिल सिंह मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने लोगों से बात की और एनडीआरएफ टीम को शीघ्र बुलाने का आश्वासन दिया। इस पर एक घंटे बाद लोगों ने रास्ता खोला। सीओ ने बताया कि नदी में डूबे किशोर की खोजबीन के लिए गोताखोर लगाए गए हैं।
बेटे के नदी में डूबने से मचा कोहराम
आशीष के गंगा में डूबने से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मां शिव प्यारी, भाई भगवती प्रसाद आंसू नहीं थम रहे हैं। बिलख रही मां कहती है कि बेटे ने कहा था कि वह नदी नहाकर जल्द घर लौट आएगा। अब बेटा कब घर आएगा। कोई कुछ क्यों बताता नहीं। किशोर के पिता पंजाब में नौकरी करते हैं। उन्हें घटना की जानकारी से अवगत करा दिया गया है।