कलेक्ट्रेट परिसर में तड़के सुबह हुई बूंदाबांदी और तेज हवा चलने से अशोक के पेड़ से जमीन पर गिरे
- फोटो : संवाद
रायबरेली। जिले में रविवार सुबह आंधी चलने के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे गेहूं व आम की फसल को नुकसान हुआ है। अगेती बोई गई गेहूं की फसल और आम के बौर जमीन पर गिर गए। सरसों की फसल भीग गई।
होली के बाद बदल रहे मौसम के मिजाज से जिले के करीब छह लाख किसानों के चेहरे पर मायूसी दिख रही है। सुबह करीब छह बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला। देखते ही देखते आसमान में काले बादल छाए और फिर आंधी चलने लगी। 15 मिनट बाद आंधी और बूंदाबांदी बंद हो गई।
राही, सतांव, जगतपुर, ऊंचाहार, सलोन, डीह, बछरावां, हरचंदपुर समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों में किसानों की गेहूं की फसल जमीन पर धराशायी हो गई। बछरावां इलाके के नीमटीकर गांव के किसान चंद्रप्रकाश तिवारी कहते हैं कि आंधी के कारण उनकी दो बीघे गेहूं की फसल गिर गई है। उन्होंने अगेती गेहूं की फसल की बोआई की थी। खेतों में कटी पड़ी सरसों भीग गई।
हरचंदपुर इलाके के डिडौली के किसान छत्रपाल सिंह कहते हैं कि चार बीघे गेहूं की फसल की बोआई की है। आंधी के कारण एक बीघा गेहूं की फसल गिर गई है। सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान आम की फसल को हुआ है। आम के बौर टूटकर गिर गए हैं।
यहीं के किसान छविनाथ पाल कहते हैं कि दो दिन पहले गेहूं की फसल की सिंचाई की थी। आंधी के कारण एक बीघा गेहूं की फसल गिर गई है। जिले में इस बार डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोआई की गई है।