लालगंज। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) परिसर में बृहस्पतिवार की शाम क्रेन से रेलवे का सामान यार्ड में उतारा जा रहा था। जैसे ही सामान एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखा जा रहा था तो उसकी चपेट में आकर वाहन चालक की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने आर्थिक मदद देने की मांग करते हुए चालक का शव लेने से इन्कार कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि लापरवाही के चलते युवक की जान गई है। गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के दुर्जन का पुरवा मजरे सुल्तानपुर खेड़ा गांव का निवासी दीपू यादव (25) पुत्र रामधनी यादव आरेडिका में शक्ति ट्रैवल कंपनी में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। कर्मचारियों के अनुसार शाम सात बजे यार्ड में क्रेन से सामान उतारने का काम चल रहा था। इसी दौरान क्रेन की संतुलन बिगड़ गया, जिससे दीपू यादव भारी भरकम सामान की चपेट में आकर दब गया। काफी मशक्कत के बाद दीपू को बाहर निकाल कर गंभीर हालात में कारखाना स्थित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दीपू यादव की अभी शादी नहीं हुई थी। वह दो भाइयों में बड़े थे। हादसे की सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने आर्थिक सहायता का आश्वासन न मिलने पतक शव ले जाने से मना करते हुए हंगामा किया। परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया है। उधर, कारखाने के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आरएन तिवारी ने बताया कि रेलवे का सामान उतारते समय हादसा हुआ है। घटना की जांच कराई जा रही है।