स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भीड़।
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रेलवे स्टेशन पर रविवार को रेलवे के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। जिन्हें इन नियमों का पालन कराना चाहिए, वे ही इन्हें तोड़ते नजर आए। दरअसल ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा की वजह से रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
पुलिस जब उन्हें संभाल न सकी तो किसी तरह छुटकारा पाने लगी। इसमें नियमों को ताक पर रखकर महिला और दिव्यांगों के कोचों में युवाओं को ठूंस-ठूंस कर बैठाया गया। इससे कोच में बैठे दिव्यांगों और महिलाओं को परेशानी हुई।
परीक्षा को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी के अलावा रेलवे स्टेशन परिसर में कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ महराजगंज सीओ सत्यपाल सिंह को तैनात किया गया था। ताकि रेलवे स्टेशन परिसर में शांति व्यवस्था बनी रहे।
वैसे तो ट्रेन में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए कोच आरक्षित होते हैं। इनमें किसी दूसरे यात्री का बैठना पूरी तरह से रेलवे के नियमों के विपरीत है, लेकिन युवाओं की भीड़ बढ़ती देख पुलिस के अफसर इस नियम को भूल बैठे।
रेलवे स्टेशन में एकत्र हुए परीक्षार्थी जब काबू से बाहर होने लगे तो पुलिस ने उन्हें ट्रेनों में बैठाना शुरू कर दिया। दिव्यांगों और महिलाओं के आरक्षित कोचों में भी युवाओं को ठूंस-ठूंस कर बैठाया गया। मुसाफिर सुरेंद्र कुमार, अरविंद सिंह, राहुल सोनकर, मृत्युंजय शुक्ला, इकरार आदि ने कहा कि परीक्षा पहले से निर्धारित थी।
इसमें भारी संख्या में परीक्षार्थी आएंगे, इसका अफसरों को पहले से पता था, बावजूद इसके रेलवे की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए गए। इसका खामियाजा मुसाफिरों को भुगतना पड़ा।