महराजगंज। कस्बे और गांवों में कुत्तों व बंदरों का आतंक बढ़ गया है। बीते तीन दिनों में कुत्तों और बंदरों के हमले से 12 लोग घायल हुए हैं। इनके हमलों से लोग सहमे हुए हैं। सीएचसी महराजगंज में 12 लोगों को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
छह अप्रैल को मझिगवां ग्राम प्रधान आशा देवी की भी कुत्ते के काटने से मौत हो गई थी। गांव में आवारा कुत्ते खेल रहे बच्चों और खेत जा रहे ग्रामीणों पर हमलावर हो रहे हैं। कस्बे में लाल बंदरों का भी आतंक है। बीते तीन दिनों में मोहित, लवली, राहुल, सुशील, अंशु, आकाश, राजकुमार, दिनेश, रामनरेश और संतोष कुत्तों के काटने से घायल हो गए।
रविवार को वारसी नगर निवासी सुनील कुमार को एक बंदर ने काटकर घायल कर दिया। सीएचसी के चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया है। सीएचसी अधीक्षक गणनायक पांडेय ने बताया कि कुत्ते के काटने से घायल मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को रेबीज का इंजेक्शन दिया गया है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि कुत्ते या बंदर के काटने पर रेबीज रोधी टीका जरूर लगवाएं। इससे संक्रमण से बचाव हो सकेगा और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।